बिहार की बेटी नहीं, आतंकियों के साथ थी इशरत जहां.... कोर्ट के फैसले से याद आई वो पूरी दास्तां

बिहार की बेटी नहीं, आतंकियों के साथ थी इशरत जहां.... कोर्ट के फैसले से याद आई वो पूरी दास्तां

हाइलाइट्स:

  • 2016 में आतंकी डेविड हेडली ने इशरत जहां को बताया था आत्मघाती हमलावर
  • 2004 में गुजरात के तत्कालीन सीएम नरेंद्र मोदी की हत्या करने पहुंचे थे सभी आतंकी
  • मारा गया अमजद अली और जीशान जौहर नाम का आतंकी था पाकिस्तानी नागरिक
  • इशरत जहां को लेकर बिहार में भी मचा था बवाल

पटना।
2004 में गुजरात के अहमदाबाद में सुबह - सुबह गुजरात पुलिस ने चार आतंकियों को मुठभेड़ के दौरान मार गिराया था। उसमें से एक 19 साल की लड़की इशरत जहां भी शामिल थी। इस एनकाउंटर के बाद कांग्रेस समेत कई राजनीतिक दलों ने गुजरात पुलिस के कार्रवाई को फर्जी करार दिया था। 2016 में यह बात भी सामने आई थी कि बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने इशरत जहां को बिहार की बेटी करार दिया है। हालांकि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने ऐसे किसी भी बयान को सिरे से खारिज कर दिया था। घटना के 17 साल बाद यानी 31 मार्च 2021 को कोर्ट ने भी यह माना कि इशरत जहां बेगुनाह नहीं थी।

2016 में आतंकी डेविड हेडली ने इशरत जहां को बताया था आत्मघाती हमलावर
2004 में गुजरात के अहमदाबाद में हुए एनकाउंटर में आतंकियों के साथ मारी गई इशरत जहां की मौत को लेकर देश में काफी बवाल मचा हुआ था। कांग्रेस समेत बीजेपी विरोधी और नरेंद्र मोदी विरोधी तमाम राजनीतिक दलों ने गुजरात पुलिस के इस एनकाउंटर को फर्जी करार दिया था। इतना ही नहीं राजनीतिक दलों द्वारा मारे गए सभी आतंकियों को छात्र बताने के साथ गुजरात के तत्कालीन मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी सरकार की पुलिस पर इन्हें पकड़कर मारने का आरोप भी लगाया था। लेकिन 2016 में अमेरिका के जेल में बंद आतंकी डेविड हेडली ने जब यह बताया कि अहमदाबाद एनकाउंटर में मारी गई लड़की इशरत जहां कोई साधारण लड़की नहीं बल्कि लश्कर-ए-तैयबा की आत्मघाती दस्ते की हमलावर थी। डेविड हेडली के इस बयान के बाद देश की राजनीति में बड़ा भूचाल भी आ गया था।
गुजरात के तत्कालीन सीएम नरेंद्र मोदी की हत्या करने पहुंचे थे सभी आतंकी
2004 अहमदाबाद पुलिस द्वारा किए गए एनकाउंटर में मारे गए चारों आतंकी दरअसल तत्कालीन मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी की हत्या करने की नियत से ही अहमदाबाद पहुंचे थे। हालांकि तब राजनीतिक रोटियां सेकने के लिए कई राजनीतिक दलों ने इस एनकाउंटर को ही फर्जी करार देना शुरू कर दिया था। लेकिन जैसे-जैसे मारे गए आतंकियों के विषय में जानकारी मिलती गई वैसे वैसे पूरे मामले की परत खुलती चली गई। पुलिस एनकाउंटर में मारे गए जावेद शेख जहां नकली नोटों की तस्करी किया करता था।

वही मारा गया अमजद अली और जीशान जौहर नाम का आतंकी पाकिस्तानी नागरिक निकला। बता दें कि इन दोनों की लाश पर किसी ने भी दावा नहीं किया था। वही एनकाउंटर में मारी गई 19 साल की इशरत जहां मुंबई की रहने वाली थी। तब इसी इशरत जहां को लेकर देश में राजनीतिक भूचाल देखने को मिला था। उस वक्त जांच में यह बात भी सामने आई थी कि यह चारों आतंकी कई बार रेकी कर चुके थे और उस दिन नरेंद्र मोदी की हत्या करने के उद्देश्य से ही अहमदाबाद पहुंचे थे। लेकिन सुबह-सुबह गुजरात पुलिस ने चारों को एनकाउंटर में ढेर कर दिया था।

इशरत जहां को लेकर बिहार में भी मचा था बवाल
बिहार में बीजेपी से अलग होने के बाद नीतीश कुमार ने इशरत जहां को बिहार की बेटी बताया था। दरअसल मीडिया में यह बात आई थी कि बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने इशरत जहां को बिहार की बेटी बताते हुए अहमदाबाद में हुए आतंकियों के एनकाउंटर पर भी सवाल खड़ा किया है। मीडिया में ऐसी खबर आने के बाद बीजेपी की ओर से नीतीश कुमार पर
तीखा हमला करना शुरू कर दिया गया था। बता दें कि तब नीतीश कुमार ने बीजेपी का साथ छोड़ अपने घोर विरोधी लालू यादव के साथ चुनाव लड़कर बिहार में सत्ता पर काबिज हुए थे। सिर्फ नीतीश कुमार ही नहीं बल्कि लालू यादव और कांग्रेस में भी अहमदाबाद एनकाउंटर को फर्जी करार दिया था।

हेडली के खुलासे के बाद गिरिराज सिंह ने कहा था नीतीश कुमार को मांगनी चाहिए देश से माफी
आतंकी डेविड हेडली द्वारा इशरत जहां को लश्कर-ए-तैयबा की आत्मघाती दस्ते की हमलावर बताने के बाद बीजेपी के नेताओं द्वारा तमाम विपक्षी पार्टियों पर हमला तेज कर दिया गया था। 2016 में बीजेपी के फायर ब्रांड नेता और केंद्रीय राज्य मंत्री गिरिराज सिंह ने बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को भी निशाने पर लिया था। तब गिरिराज सिंह ने कहा था कि
इशरत जहां को बिहार की बेटी बताने वाले नीतीश कुमार को देश से माफी मांगनी चाहिए। गिरिराज सिंह ने कहा था कि नीतीश कुमार को देश को यह बताना चाहिए तो उन्हें यानी नीतीश कुमार को मालूम नहीं था कि इशरत जहां आतंकी है इसलिए वह उसे बिहार की बेटी बताने के लिए माफी मांगते हैं।

गिरिराज सिंह ने यह भी कहा था कि जो वोट के सौदागर हैं यानी कांग्रेस पार्टी से लेकर नीतीश कुमार और लालू यादव ने गुजरात पुलिस के इस एनकाउंटर को फर्जी करार दिया था। जबकि एनआईए की जांच में यह कहा गया था कि इशरत जहां आतंकी ही है। गिरिराज सिंह ने यह भी कहा था कि हद तो यह हो गई कि बिहार की राजनीति में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने
इशरत जहां को बिहार की बेटी बताया इसके अलावा तमाम जेडीयू के नेता ने भी उसे बिहार की बेटी बताने में देरी नहीं लगाई। गिरिराज सिंह ने कहा कि यह देश का दुर्भाग्य ही है कि आतंकी को भी वोट से जोड़ दिया जाता है।

इशरत जहां को कभी नहीं कहा बिहार की बेटी : नीतीश कुमार
इशरत जहां को बिहार की बेटी बताने वाले नीतीश कुमार ने 2016 में ही अपने बयान से पल्ला झाड़ लिया था। उन्होंने कहा कि मैंने कभी नहीं कहा कि गुजरात के एनकाउंटर में मारी गई इशरत जहां बिहार की बेटी है। उन्होंने यह भी कहा था कि मीडिया ने उनके बयान को गलत तरीके से पेश किया था। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने यह बयान 2016 में अपने जनता दरबार के दौरान पत्रकारों से बातचीत में कही थी। उन्होंने यह भी कहा था कि जिस चैनल ने ऐसी खबरें चलाई गई या जिन अखबारों ने ऐसी खबरें लिखी गई थी वह उन पर कानूनी कार्रवाई करेंगे। आपको बता दें कि तत्कालीन जेडीयू नेता और राज्यसभा सांसद अली अनवर अली ने भी इशरत जहां को बिहार की बेटी बताया था।

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