जब इतना उखड़ा गेंदबाज, स्टंप उखाड़कर दौड़ा बल्लेबाज के पीछे

नई दिल्ली
राशिद पटेल ने भारत के लिए सिर्फ एक टेस्ट मैच खेला। और उनका एकदिवसीय करियर भी इतने ही मैच का रहा। लेकिन उन्हें किसी और घटना के लिए याद किया जाता है। वह घटना थी मैदान पर विपक्षी टीम के खिलाड़ी से भिड़ जाना। और वह भी ऐसा कि स्टंप लेकर उसके पीछे दौड़ पड़ना। वड़ोदरा के इस गेंदबाज का 57वां जन्मदिन है लेकिन यहां कहानी उस घटना की जो उनकी पहचान के साथ जुड़ गई।

बाएं हाथ के इस मीडियम पेसर को 1988 में न्यूजीलैंड के खिलाफ मुंबई (तब बॉम्बे) टेस्ट मैच के लिए भारतीय टीम में शामिल किया गया। यह फैसला थोड़ा हैरान करने वाला था। बड़ौदा के लिए उनके बीते दो सीजन बहुत अच्छे नहीं रहे थे। लेकिन चयनकर्ताओं ने जुआ खेलने का फैसला किया। हालांकि यह सही साबित नहीं हुआ। दोनों पारियों में पटेल बल्ले से खाता भी नहीं खोल पाए। रिचर्ड हैडली ने दोनों बार उन्हें पविलियन की राह दिखाई। गेंदबाजी में भी वह कुछ खास नहीं कर पाए और 14 ओवर बोलिंग करने के बाद भी उनके हाथ खाली रहे। यह उनके करियर का पहला और आखिरी टेस्ट मैच साबित हुआ।

हालांकि उन्हें तीन हफ्ते बाद वनडे इंटरनैशनल में मौका मिला। सामने फिर न्यूजीलैंड थी। यहां भी उन्होंने बिना कोई विकेट लिए 58 रन दिए। और बल्लेबाजी का तो मौका ही नहीं मिला।

फिर आया वह शर्मनाक लम्हा
दलीप ट्रोफी में नॉर्थ जोन और वेस्ट जोन का मैच चल रहा था। साल 1990-91 का सीजन था। पटेल की किसी बात को लेकर रमन लांबा से बहस हो गई। इसके बाद वह स्टंप लेकर रमन लांबा के पीछे भागने लगे। लांबा बाउंड्री तक भागे। इस घटना के बाद पटेल पर 13 महीने का बैन लगा दिया गया। वह लौटे लेकिन वह अपने बीते प्रदर्शन के कहीं आसपास भी नहीं थे। अगले पांच सीजन में उन्होंने 13 मैच खेले।

घरेलू करियर
उन्होंने 42 फर्स्ट क्लास मैचों में 113 विकेट लिए। उनका औसत 34.80 का रहा और इकॉनमी 3.49 की। वहीं 18 लिस्ट ए मैचों में 16 विकेट उनके नाम थे।

क्या हुआ था तब
इस मैच में नॉर्थ जोन ने मनोज प्रभाकर, रमन लांबा और कपिल देव की सेंचुरी की मदद से 729 का बड़ा स्कोर बनाया। जवाब में रवि शास्त्री, संजय मांजरेकर और दिलीप वेंगसरकर ने भी शतक लगाए और वेस्ट जोन ने 561 रन बनाए।

29 जनवरी को मैच का आखिरी दिन था और लांबा अजय जडेजा के साथ पारी की शुरुआत करने आए। 10वें ओवर में स्कोर 59 रन था। पटेल राउंड द विकेट आए और गेंदबाजी फॉलो थ्रू में विकेट के डेंजर एरिया में पहुंच गए। लांबा ने इस पर नाराजगी जाहिर की। पटेल ने अगली गेंद बीमर फेंकी। जानबूझकर 'एक नोबॉल' थी। इसके बाद पटेल ने स्टंप निकाला और लांबा के पीछे दौड़े। लांबा ने खुद को जडेजा के पीछे छुपाया। पटेल पर 13 और लांबा पर 10 महीने का बैन लगा। मैदान पर मौजूद दर्शकों ने भी पत्थरबाजी शुरू कर दी और इससे विनोद कांबली को चोट लग गई।

अंपायर ने बाद में एक इंटरव्यू में कहा था कि पटेल हवा में स्टंप लहरा रहे थे। हम उन्हें मैदान से बाहर भेजना चाहते थे लेकिन यह सब इतना जल्दी हुआ कि कुछ समझ नहीं आया।

क्या कहा था पटेल ने

बाद में मिड-डे को दिए एक इंटरव्यू में पटेल ने कहा, 'देखिए आमतौर पर क्रिकेटर अच्छे लोग होते हैं लेकिन यह गर्मागर्मी में हो गया था। जब दबाव होता है तो कई बार ऐसा हो जाता है। मेरे मामले में ऐसा था कि नॉर्थ जोन ने 700 से ज्यादा रन बनाए। मेरी नजर में वह बहुत डिफेंसिव क्रिकेट खेल रहे थे। रमन ने मुझे उकसाया और मैं बहुत गुस्सा हो गया।'

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