US के प्लेन में ट्रेन की जनरल बोगी की तरह एडजस्ट होकर लौटे लोग

वॉशिंगटन. अफगानिस्तान (Afghanistan) में तालिबान (Taliban) के आने से अफरा-तफरी का माहौल है. लोग कैसे भी हो, बस देश छोड़ने की कोशिश में हैं. कई देश भी वहां से अपने नागरिकों की सुरक्षित वापसी के लिए स्पेशल प्लेन भेजा है. इस बीच अमेरिका के एक प्लेन का वीडियो और फोटो सोशल मीडिया पर खूब शेयर हो रहा है. मंगलवार को काबुल एयरपोर्ट से जब अमेरिकी वायुसेना का सी-17 ग्लोबमास्टर (C-17 Globemaster) उड़ान भरने जा रहा था, तब उसके चारों तरफ सैकड़ों अफगानी दौड़ लगा रहे थे. प्लेन के अंदर भी ऐसा ही हाल था. एक फोटो में देखा जा सकता है कि विमान में सैंकड़ों लोग किसी तरह खड़े होकर बस देश से निकलना चाहते हैं.

अमेरिका ने अपने सी-17 ग्लोबमास्टर विमान से अफगानिस्तान में फंसे 800 अमेरिकी लोगों को एक बार में ही सुरक्षित रूप से बाहर निकाला है. इस विशालकाय विमान के सिंगल फ्लोर पर अधिकतम 134 लोगों के बैठने की ही जगह होती है. ऐसे में अंदाजा लगाया जा सकता है कि विमान के अंदर लोगों को कैसे बैठाया गया होगा और उनकी हालत क्या होगी. विमान के अंदर 80 लोग पैलेटों पर और साइडवॉल सीटों पर 54 लोग बैठ सकते हैं.

अमेरिकी वायु सेना के सी-17 विमान ने RCH (Reach) 871 फ्लाइट संख्या के साथ डेलावेयर में डोवर एयर फोर्स बेस से आज ही सुबह काबुल के लिए उड़ान भरी थी. अमेरिकी वायुसेना ने अभी तक इस विमान से 800 लोगों को एक बार में ले जाने को लेकर आधिकारिक बयान नहीं दिया है. अगर इस घटना की पुष्टि हो जाती है तो यह अबतक के मिलिट्री विमानों के इतिहास में एक रिकॉर्ड होगा.

भारतीयों को लेकर दोपहर तक हिंडन पहुंचेगा सी-17 ग्लोबमास्टर
भारत ने भी काबुल में फंसे अपने दूतावास के अधिकारियों और जवानों को निकालने के लिए सी-17 ग्लोबमास्टर विमानों को ही भेजा है. तालिबान के बढ़ते खतरे के बीच अफगानिस्तान में भारतीय दूतावास के सभी कर्मचारियों को निकाल लिया गया है. सीएनएन न्यूज18 को मिली जानकारी के अनुसार, भारतीय वायुसेना के विमान ने आज सुबह कर्मचारियों और सभी जरूरी दस्तावेजों को लेकर राजधानी काबुल के एयरपोर्ट से उड़ान भरी. यह विमान पहले जामनगर और फिर हिंडन एयरबेस पहुंचेगा. विमान के दोपहर करीब 1 बजे तक हिंडन पहुंचने की उम्मीद है.

काबुल में भारतीय दूतावास बंद
सूत्रों ने जानकारी दी थी कि काबुल में बिगड़ती स्थिति के बीच भारतीय दूतावास ने बीते सोमवार को ही काम बंद कर दिया था. उन्होंने बताया था कि भारतीय स्टाफ के निकलने के बाद दूतावास के काम को स्थानीय अफगान कर्मियों के हाथों सौंप दिया जाएगा. मुल्क में फंसे भारतीयों को निकालने के लिए भारतीय वायुसेना का विमान सी-17 ग्लोबमास्टर काबुल पहुंच गया था. हालांकि, गड़बड़ियों के कारण सैन्य और नागरिक ऑपरेशन रुक गए थे.

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