तालिबान के समर्थन में उठने वाली आवाजों को तुरंत कुचल दें... शिवसेना के निशाने पर कौन?

तालिबान के समर्थन में उठने वाली आवाजों को तुरंत कुचल दें... शिवसेना के निशाने पर कौन?

हाइलाइट्स

  • अफगानिस्तान पर तालिबान के कब्जे के बाद से भारत में भी राजनीतिक हलचल तेज
  • शिवसेना के राज्यसभा सांसद संजय राउत ने कहा कि देश को तालिबान से खतरा है
  • राउत ने कहा- तालिबान के समर्थन में उठने वाली आवाजों को सरकार को दबा देना चाहिए

मुंबई
अफगानिस्तान पर तालिबान के कब्जे के बाद से भारत में भी राजनीतिक हलचल तेज है। भारत और अफगानिस्तान के रिश्तों पर चिंता जाहिर करते हुए शिवसेना सांसद संजय राउत ने कहा कि देश को तालिबान से खतरा है। संजय राउत ने आगे यह भी कहा कि तालिबान के समर्थन में उठने वाली आवाजों को सरकार को दबा देना चाहिए।

मुंबई में पत्रकारों से बातचीत के दौरान शिवसेना सांसद संजय राउत से अफगानिस्तान में हालात के बारे में सवाल पूछे गए। इस पर राउत ने कहा कि भारत को तालिबान से खतरा है क्योंकि उसे भारत के शत्रुओं पाकिस्तान और चीन का समर्थन है। उन्होंने कहा, ‘भारत में तालिबान के समर्थन में आवाज उठती है तो सरकार को उन्हें तुरंत कुचल देना चाहिए।’

सपा सांसद और मुनव्वर राणा ने किया था समर्थन
गौरतलब है कि पिछले दिनों सपा सांसद शफीकुर्रहमान बर्क से लेकर ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड के प्रवक्ता सज्जाद नोमानी ने तालिबान के समर्थन में बयान दिया था। वहीं मशहूर शायर मुनव्वर राना ने तालिबान की तुलना महर्षि वाल्मीकि से कर दी थी। शफीकुर्रहमान और मुनव्वर राणा के खिलाफ मामले में केस भी दर्ज हुआ है।

उद्धव ने की विपक्ष से एकजुट रहने की अपील
शिवसेना नेता संजय राउत ने यह भी बताया कि कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी की ओर से बुलाई गई विपक्षी दलों की ऑनलाइन मीटिंग में महाराष्ट्र के सीएम उद्धव ठाकरे शामिल हुए। राउथ ने बताया कि मीटिंग में ठाकरे ने विपक्षी दलों से अनुरोध किया कि वे जनता का भरोसा जीतें और एकजुट व मजबूत रहें। मीटिंग में सोनिया गांधी ने अगले लोकसभा चुनाव के लिए विपक्षी दलों को साथ आने को कहा।

शिवसेना नेता संजय राउत ने शनिवार को बताया, ‘बैठक के दौरान, ठाकरे ने इस बात पर जोर दिया कि दलों को जनता का विश्वास जीतना होगा।’ उनके मुताबिक बैठक में ठाकरे ने कहा, ‘अभी तो विपक्षी दलों में सत्ता को लेकर कोई लालसा नहीं है। लेकिन जब सत्ता सामने होगी तब भी विपक्षी दलों पर लोगों का यह भरोसा होना चाहिए कि वे मजबूत और एकजुट रहेंगे।’

समाचार एजेंसी भाषा से मिले इनपुट के साथ

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