10 साल से भारत में था, पुलिस ने खोला दिल्ली में मिले पाक आतंकी का हर राज

हाइलाइट्स

  • दिल्ली पुलिस ने गिरफ्तारी पाकिस्तानी आतंकी की कुंडली बता दी है
  • आतंकी मोहम्मद अशरफ ने शुरुआती पूछताछ में कई राज उगले हैं
  • वह बीते एक दशक से भारत में रह रहा था और कई IDs बना लिए
  • अशरफ ने स्लिपर सेल के तौर पर काम किया और आतंकी वारदात भी की

नई दिल्ली
राजधानी दिल्ली के लक्ष्मी नगर इलाके से गिरफ्तार पाकिस्तानी आतंकवादी मोहम्मद अशरफ भारत में 10 वर्षों से भी ज्यादा वक्त से रह रहा था। यह सनसनीखेज खुलासा उसने शुरुआती पूछताछ में किया है। दिल्ली पुलिस स्पेशल सेल के डीसीपी प्रमोद कुशवाहा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में इस पाकिस्तानी आतंकी की पूरी कुंडली खोल कर रख दी। उन्होंने अशरफ को लेकर बड़ी जानकारियां साझा की हैं।

एक दशक से भारत में था पाकिस्तानी आतंकी

उन्होंने बताया कि शुरुआती पूछताछ में पता चला है कि वो पिछले 10 से भी ज्यादा वर्षों से भारत में रहकर आतंकियों की स्लिपर सेल की तरह काम कर रहा था। उन्होंने कहा, 'अशरफ एक दशक से भी ज्यादा वक्त से दिल्ली में रह रहा था। वो यहां एक भारतीय के रूप में रह रहा था। उसने अहमद नूरी के फर्जी नाम से कई तरह के पहचान पत्र बना लिए हैं।' उसने पूछताछ में बताया कि वो अतीत में जम्मू-कश्मीर और देश के अन्य इलाकों में कई आतंकी घटनाओं में शामिल रहा है।

 

शुरुआती पूछताछ में बताया है कि ये जम्मू-कश्मीर और देश के दूसरे हिस्सों में कई आतंकी घटनाओं में शामिल था। अभी इसको कोई आतंकी गतिविधि को अंजाम देना था, जगह नहीं बताई गई थी। इसकी हैंडलिंग पाकिस्तानी आईएसआई कर रही थी।
प्रमोद कुशवाहा, डीसीपी, स्पेशल सेल, दिल्ली पुलिस

 


ISI के हैंडलर ने दिलाए थे हथियार

कुशवाहा ने बताया कि अशरफ के आका ने अभी भारत में आतंकवादी वारदात को अंजाम देने की जिम्मेदारी दे रखी थी। वारदात किस जगह अंजाम देना था, उसे अभी यही नहीं बताया गया था, लेकिन असलहे पहुंचा दिए गए थे जो रिकवर हो गए हैं। अशरफ को पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी इंटर सर्विसेज इंटेलिजेंस (ISI) हैंडल कर रही थी। इसे नासिर कोड नेम वाले पाकिस्तानी शख्स ने टास्क दिया था। उसी ने असलहे का जखीरा मुहैया कराया था। नासिर ने अशरफ को बताया था कि उसे कहां से ये हथियार लेने हैं। इसके पास पैसे भी हवाला के जरिए आते थे। आईएसआई ने ही एक दशक पहले अशरफ को बांग्लादेश के रास्ते सिलिगुड़ी बॉर्डर से भारत में प्रवेश कराया था।

आतंकी के दावों का हो रहा है वेरिफिकेशन

दिल्ली पुलिस का कहना है कि पाकिस्तानी नागरिक अशरफ ने अब तक किन-किन आतंकवादियों को अंजाम दिया है, इसकी जांच हो रही है। साथ ही, यह किन-किन लोगों की मदद ले रहा था, इसकी भी पड़ताल हो रही है। अब तक की पूछताछ से पता चला रहा है कि यह आतंकवाद से जुड़ी कई तरह की वारदातों को अंजाम दिया है। वह स्लीपर सेल से लेकर आतंकी वारदातों में सक्रिय भूमिका तक निभा चुका है।

भारतीय दस्तावेजों के लिए कर ली थी शादी
स्पेशल सेल के डीसीपी ने कहा कि अशरफ ने अहमद नूरी के नाम से पासपोर्ट भी बना लिया था और दो बार विदेशों का दौरा भी कर चुका है। पता चला है कि वो सऊदी अरब और थाईलैंड गया था। इसने भारतीय पहचान पत्र बनाने के लिए उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद स्थित वैशाली इलाके में एक भारतीय महिला से शादी भी कर ली थी और बिहार से पहचान पत्र भी बना लिया था। उसी पहचान पत्र के आधार पर उसने बाकी के पहचान पत्र बनवाए। उसने भारतीय दस्तावेज जुटा लेने के बाद उस महिला को छोड़ दिया जिससे उसने शादी की थी।

झाड़-फूंक करने वाला मौलाना बनकर रह रहा था अशरफ
पाकिस्तान के पंजाब प्रांत के नरोवाल इलाके के निवासी अशरफ के माता-पिता की मौत हो गई है। उसकी उम्र 40 वर्ष है और इसके दो भाई, तीन बहनें हैं। यह 2004-05 में पाकिस्तान से निकला है। यह भारत में कुछ साल से दिल्ली और आसपास में पीर मौलाना के रूप में रह रहा था और झाड़-फूंक किया करता था। यह राजस्थान के अजमेर, जम्मू-कश्मीर के उधम नगर, दिल्ली के वर्ल्ड सिटी और लक्ष्मी नगर, उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद स्थित वैशाली इलाके में रहा है। उसके पास से एके 47 मैग्जीन, कारतूस, दो पिस्टल, एक ग्रेनेड रिकवर किया गया है।' एसीपी ललित और एसीपी हृदय भूषण के नेतृत्व में स्पेशल सेल की टीम ने अशरफ को सोमवार रात पूर्वी दिल्ली के लक्ष्मी नगर इलाके से गिरफ्तार किया गया है।

Leave a Reply

Your email address will not be published.

%d bloggers like this: