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इजरायल में मिला मछली पकड़ने का 12 हजार साल पुराना कांटा, भौचक्‍का रह गए पुरातत्‍वविद

हाइलाइट्स

  • सदियों से लोग मछली पकड़ने का काम कर रहे हैं लेकिन इसका इतिहास अभी तक पता नहीं चला
  • ताजा शोध में जर्मनी के विशेषज्ञों को इजरायल में 12 हजार साल पुराना अद्भुत कांटा मिला है
  • अब तक जो साक्ष्‍य मिले हैं, उनके मुताबिक सबसे पहली ज्ञात इंसानी सभ्‍यता केवल 5 हजार साल पुरानी

बॉन
दुनियाभर में सदियों से लोग मछली पकड़ने का काम कर रहे हैं लेकिन इसका ठीक-ठीक इतिहास अभी तक पता नहीं चल पाया है। विशेषज्ञों का कहना है कि मछली पकड़ने का इतिहास पता करना बहुत मुश्किल है क्‍योंकि इसके लिए बनाए जाने वाले कांटे और डंडे समय के साथ नष्‍ट होते गए। ताजा शोध में जर्मनी के विशेषज्ञों को इजरायल में 12 हजार साल पुराना अद्भुत कांटा मिला है।

जर्मनी में एक पुरातत्‍व शोध संस्‍थान के शोधकर्ताओं को यह मछली पकड़ने का 12 हजार साल पुराना अविश्‍वसनीय उपकरण मिला है। अब तक जो साक्ष्‍य मिले हैं, उनके मुताबिक सबसे पहली ज्ञात इंसानी सभ्‍यता केवल 5 से 6 हजार साल पुरानी है। ऐसे में 12 हजार साल पुराना मछली पकड़ने का कांटा मिलना अपने आप में दुर्लभ घटना माना गया है। पुरातत्‍वविदों को यह कांटा इजरायल के हूला घाटी में जॉर्डन नदी में मिला है।

प्रत्‍येक कांटा आकार, विशेषता और डिजाइन में अलग
प्रफेसर गोनेन शरोन ने बीबीसी साइंस फोकस मैगजीन से कहा, 'ये मछली पकड़ने का कांटा आकार में आश्‍चर्यजनक तरीके से आधुनिक कांटों के बेहद करीब है और हस्‍तकला का बढ़‍िया उदाहरण है।' इसको इस तरह से बनाया गया था ताकि मछली फंसने के बाद फिर भाग न सके। शोधकर्ताओं को हड्डियों से बने कुल 19 कांटे और खांचेदार पत्‍थर मिले हैं। शोधकर्ताओं का मानना है कि इन पत्‍थरों का इस्‍तेमाल मछली पकड़ने के डंडे के वजन के लिए किया जाता था।

करीब 12 हजार साल पहले इस समय शुरुआती इंसान घुमंतू शिकारी की बजाय धीरे-धीरे समुदायों में रहकर शिकार करने लगा था। जो कांटे मिले हैं, वे एक ही डिजाइन के नहीं हैं। इससे पता चलता है कि शुरुआती दौर के इंसान अलग-अलग तरीके जानवरों के लिए अलग आकार के कांटों का इस्‍तेमाल करते थे। प्रफेसर शरोन ने कहा कि प्रत्‍येक कांटा आकार, विशेषता और डिजाइन में अलग है। ये इंसान जानते थे कि किस मछली का शिकार करने के लिए किस तरह के कांटे की जरूरत है।