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सोने सी चमक रही इस मछली की मासूमियत पर न जाइए, ऐसे ही नहीं मिला है 'शैतान' का खिताब

हाइलाइट्स

  • जापान के एक्वेरियम में रखी गई दुर्लभ गोल्डन डेमन स्टिंगर मछली
  • अपने जहर से किसी बड़े जीव या इंसान को कर सकती है बेहोश
  • रात में शिकार करती है यह जहरीली मछली, मूंगे की चट्टानों में छिपने में माहिर

टोक्यो
जापान में इन दिनों पीले रंग की एक दुर्लभ मछली चर्चा का विषय बनी हुई है। गोल्डन डेमन स्टिंगर नाम की इस मछली को कानागावा शहर के एनोशिमा एक्वेरियम में प्रदर्शनी के लिए रखा गया है। जापान की सोशल मीडिया पर लोग इस मछली को सौभाग्य से जोड़कर देख रहे हैं। लेकिन, क्या आप जानते हैं कि यह दुनिया की सबसे जहरीली मछलियों में से एक है। आमतौर पर यह जहरीली मछली लाल और भूरे रंग की होती है, लेकिन इसे पहली बार पीले रंग में देखा गया है।

म्यूटेट जीन के कारण पीली दिख रही है मछली
25 सेंटीमीटर लंबी इस मछली का पीला रंग इसके म्यूटेटेड जीन के कारण हुआ है। इस मछली को पहले मिउरा शहर के केक्यू अबुरात्सुबो मरीन पार्क में रखा गया था। हालांकि, 30 सितंबर को यह मरीन पार्क बंद हो गया। जिसके बाद इस मछली को एनोशिमा एक्वेरियम में लाया गया है। एक्वेरियम के कर्मचारियों का मानना है कि इस मछली को देखने के लिए बड़ी संख्या में लोगों के आने का अनुमान है।

बेहद जहरीली और शातिर है गोल्डन डेमन स्टिंगर
गोल्डन डेमन स्टिंगर मछली का वैज्ञानिक नाम इनिमिकस डिडैक्टाइलस है। इस मछली को समुद्री भूत, दानव स्टिंगर या डेविल स्टिंगर के नाम से भी जाना जाता है। इस मछली को स्टोनफिश का करीबी रिश्तेदार भी बताया जाता है। वयस्क होने पर इनकी लंबाई 25 सेंटीमीटर तक बढ़ सकती है। अपने दुश्मनों को खदेड़ने के लिए इस मछली की रीढ़ में जहर भरा होता है।

निशाचर है गोल्डन डेमन स्टिंगर
यह जहरीली मछली रात में अपना शिकार करती है। दिन के समय गोल्डन डेमन रेत के नीचे गड्ढा खोदकर खुद को छिपा लेती है। इनका शरीर लाल-पीला और भूरे रंग का होता है। अपने इस रंग के कारण ही यह मछली मूंगे की चट्टानों में आसानी से छिप जाती हैं। इनकी खोल का रंग ही एक छलावरण का काम करता है। जिससे शिकारी जीव इस मछली को पत्थर समझ लेते हैं।