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अय्यर का ड्रीम डेब्यू: मुश्किल में थी टीम इंडिया, पहला मैच खेल रहे श्रेयस ने ठोक दी फिफ्टी

कानपुर
अपने पहले ही मैच में टीम के काम आना। धांसू खेल से छा जाना। मुश्किल से दल को उबारना। शायद हर खिलाड़ी अपने डेब्यू मैच के सपने में यही सब देखता होगा। कानपुर में श्रेयस अय्यर का ड्रीम डेब्यू ही हुआ है। पुजारा-रहाणे एक बार फिर लंबी पारी खेलने में नाकाम रहे। टी-सेशन तक 150 रन के आसपास भारत के चार विकेट गिर चुके थे। ऐसे में पांचवें नंब पर उतरे अय्यर ने हाथ खड़ा किया और अपनी टीम को मुश्किलों से उबारा।

शतक से कम कुछ भी नहीं
श्रेयस अय्यर ने 94 गेंद में अर्धशतक पूरा किया। छह चौके वाली इस पारी में आक्रामकता कम और गंभीरता ज्यादा नजर आई। ठीक वैसी ही जैसे घरेलू क्रिकेट के किसी मंझे हुए बल्लेबाज से उम्मीद थी। श्रेयस अय्यर लाल गेंद के पुराने चावल हैं, पारी संवारना और संभालना उन्हें दोनों ही बखूबी आता है। दो सत्र के खेल के बाद 154 रन पर उसके चार विकेट गिर चुके थे। चाय के विश्राम के समय अपना पहला टेस्ट मैच खेल रहे श्रेयस अय्यर 17 और रविंद्र जडेजा छह रन पर खेल रहे थे। यहां से दोनों ने तीसरे और आखिरी सेशन पर कब्जा कर लिया।

काइल जैमीसन फिर बने भारत के लिए खतरा
लंबे कद के तेज गेंदबाज काइल जैमीसन (38 रन देकर तीन) ने फिर से भारतीय बल्लेबाजों को परेशानी में डाला। उन्होंने पहले सत्र में प्रभावशाली बल्लेबाजी करने वाले सलामी बल्लेबाज शुभमन गिल (93 गेंदों पर 52 रन) को लंच के बाद पहले ओवर में आउट करने के बाद अच्छी लय में दिख रहे कप्तान रहाणे (63 गेंदों पर 35 रन) को पवेलियन भेजा। अनुभवी तेज गेंदबाज टिम साउदी (30 रन देकर एक) ने इस बीच चेतेश्वर पुजारा (88 गेंदों पर 26 रन) की एकाग्रता भंग की। भारत ने मयंक अग्रवाल (28 गेंदों पर 13) का विकेट पहले सत्र में गंवा दिया था।

अय्यर भारत के लिए डेब्यू करने वाले 303वें खिलाड़ी
दिलचस्प बात है कि न्यूजीलैंड के खिलाफ 18 साल बाद किसी खिलाड़ी ने डेब्यू किया। इससे पहले साल 2003 में युवराज सिंह को यह सौभाग्य मिला था और अब 2021 में श्रेयस अय्यर का नंबर आया है। चंद माह पहले तक वह अस्पताल में चोटिल कंधे के साथ भर्ती थे। आईपीएल 2021 का शुरुआती सत्र तक नहीं खेल पाए, लेकिन वहां से भारतीय टेस्ट कैप पाना मुंबई के इस बल्लेबाज के लिए इतना आसान भी नहीं था।