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क्रिकेट में क्या होता है डेंजर एरिया, जिसपर शमी के सपोर्ट में अंपायर से भिड़ गए कोहली

केपटाउन
भारत और साउथ अफ्रीका के बीच फाइनल टेस्ट का आज तीसरा दिन खेला जाएगा। मैच के दूसरे दिन यानी बुधवार को टीम इंडिया का जलवा रहा। मैदान पर भारतीय पेसर्स की गेंदें आग उगल रही थी। इस बीच कप्तान कोहली, अंपायर इरासमस से मोहम्मद शमी को भिड़ गए। दरअसल, शमी को अंपायर ने डेंजर एरिया में जाने पर वॉर्निंग दी थी। ऐसे में आइए समझते हैं पिच पर कहां होता है ये डेंजर एरिया, वहां क्यों दौड़ा नहीं जा सकता। क्या नियम तोड़ने पर कोई जुर्माना भी लगता है?

पहले समझते हैं शमी ने क्या किया?
रीप्ले में दिखा कि शमी का पांव डेंजर एरिया के बाहर लैंड हुआ था। हालांकि, कोहली जो खुलकर अपनी बात करने के लिए जाने जाते हैं, इरासमस के पास गए और वॉर्निंग के बारे में बात करने लगे। इस बीच, मैच में शमी की सभी गेंदो को देखकर साफ हुआ कि कोहली इससे पहले तीन बार डेंजर एरिया में लैंड हुए थे, जिनके लिए उन्हें वॉर्निंग दी गई थी। इसलिए शमी को अंपायर से मिली वॉर्निंग पिछली गलतियों के लिए थी। शमी ने हालांकि इसके बाद वापसी की और तीन गेंदों के बीच दो विकेट हासिल किए।

अब जानिए क्या होता है डेंजर एरिया?
पिच पर विकेट के ठीक सामने वाले हिस्से को डेंजर एरिया कहते हैं। बल्लेबाजी के लिए ये एरिया काफी अहम होता है। क्रीज की तरह इसे पेंट करके मार्क नहीं किया जाता। दरअसल, यह विकेट के बीच में एक काल्पनिक आयत (rectangle) की आकारनुमा हिस्सा होता है। नियमों के मुताबिक, कोई भी बोलर अपने फॉलो-थ्रू में वहां लैंड नहीं कर सकता।

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भारतीय पेसर्स ने बेहतरीन गेंदबाजी की। बाउंसर्स के सटीक इस्‍तेमाल ने विरोधी बल्‍लेबाजों को सेटल होने का मौका ही नहीं दिया।

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भारत को मैच में लौटाने का श्रेय मोहम्मद शमी को जाता है। शमी ने 56वें ओवर में तेम्बा बावुमा (28) और काइल वेरेन्ने (0) को आउट करके मेजबान टीम को लगातार दो झटके दिए। बावुमा का कैच कोहली ने लपका जबकि वेरेन्ने ने ऋषभ पंत को कैच थमाया।

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उमेश यादव ने शानदार गेंदबाजी की और 2 अहम विकेट झटके।

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कोहली ने दूसरे दिन स्लिप में दो कैच लपकने के साथ ही टेस्ट क्रिकेट में 100 कैच पूरे कर लिये। उमेश यादव की गेंद पर उन्होंने दूसरी स्लिप में रासी वान डेर डुसेन का कैच लपका।

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कीगन पीटरसन (72) को दो बार जीवनदान मिला जब शार्दुल ठाकुर की गेंद पर पहली स्लिप में कोहली ने उनका कैच छोड़ा चूंकि गेंद उनके सामने आकर गिरी थी।

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बुमराह ने दक्षिण अफ्रीका के लिये सर्वाधिक 72 रन बनाने वाले कीगन पीटरसन को दूसरी स्लिप में चेतेश्वर पुजारा के हाथों लपकवाया।

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बुमराह और मार्को जानसेन के बीच पूरी सीरीज में तनातनी रही है। इस बार बुमराह भारी पड़े और उनकी लेंथ बॉल जानसेन का ऑफ स्‍टंप ले उड़ी।

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कोई पूछे कि विराट कोहली की कप्‍तानी ने क्‍या बदला है तो बता दीजिएगा। चार-चार तेज गेंदबाजों ने कोहली के कप्‍तान रहते टेस्‍ट क्रिकेट में 100 से ज्‍यादा विकेट लिए हैं।

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कोहली की कप्‍तानी में 100 से ज्‍यादा टेस्‍ट विकेट लेने वाले गेंदबाज हैं : मोहम्‍मद शमी, ईशांत शर्मा, उमेश यादव और जसप्रीत बुमराह।

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जसप्रीत बुमराह ने दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ दूसरे टेस्‍ट में SA की पहली पारी में 5 विकेट झटके। इसी दौरान उन्‍होंने टेस्‍ट क्रिकेट में 100+ विकेट्स का कीर्तिमान छुआ।

इसे सेफ रखना क्यों जरूरी होता है?
अगर ऐसा नहीं किया जाएगा तो खिलाड़ियों की स्पाइक्स से पिच का खराब होना तय है। अगर कोई टीम जानबूझकर पिच खराब करेगी तो यह विरोधी टीम के साथ अन्याय ही होगा। गेंदबाज के फॉलोथ्रू से पिच खुरदुरी हो जाती है। यह असमान उछाल और टर्न का कारण बन सकता है। इन रफ पैचेज का फायदा खासतौर पर स्पिनरों ही उठाते हैं। इसलिए यदि कोई गेंदबाज प्रोटेक्टेड एरिया की ओर जाता है तो अंपायर तुरंत टोकता है।

गलतियां दोहराने पर बैन भी लग सकता है
पहली बार गलती करने के बाद अंपायर सुधरने का एक और मौका देता है, लेकिन अगर बोलर फिर भी नहीं मानता तो अंपायर तुरंत गेंदबाजी से हटा सकता है। उस पारी में फिर बोलर कभी गेंदबाजी नहीं कर पाता। फिल्डर्स को भी इस सुरक्षित एरिये से दूर रहना होता है। पाकिस्तान के पूर्व कप्तान शाहिद अफरीदी तो जानबूझकर डेंजर एरिया में जूता घिसने के बाद एक टेस्ट और दो वनडे से प्रतिबंधित हो गए थे।

भारत की मुट्ठी में मैच
मैच की बात करें तो भारत ने अपनी पहली पारी में 223 रन बनाए थे। इसके जवाब में साउथ अफ्रीका ने पहली पारी में 210 रन बनाए। भारत की ओर से जसप्रीत बुमराह ने पांच विकेट लिए। दो दिन के खेल के बाद टीम इंडिया इतिहास रचने के करीब नजर आ रही है। स्टंप्स तक उसके पास 70 रन की लीड हो गई थी जबकि उसका स्कोर 57/2 है।