राज्यपाल ने हाथ जोड़े तो दूसरी ओर देखने लगीं ममता! सुवेंदु बोले- तोड़ा प्रोटोकॉल

हाइलाइट्स

  • जगदीप धनखड़ और ममता बनर्जी के बीच तनातनी गणतंत्र दिवस समारोह के दौरान देखने को मिली
  • आयोजन पर राज्यपाल धनखड़ और मुख्यमंत्री का आमना-सामना हुआ लेकिन उतनी गर्मजोशी से नहीं
  • पश्चिम बंगाल के नेता विपक्ष सुवेंदु अधिकारी ने सीएम ममता बनर्जी पर प्रोटोकॉल तोड़ने का आरोप लगाया

 

कोलकाता
पश्चिम बंगाल के राज्यपाल जगदीप धनखड़ और सीएम ममता बनर्जी के बीच तनातनी गणतंत्र दिवस समारोह के दौरान भी देखने को मिली। आयोजन पर राज्यपाल धनखड़ और मुख्यमंत्री का आमना-सामना हुआ लेकिन उतनी गर्मजोशी से नहीं। ममता ने आयोजन स्थल पर राज्यपाल के उनकी ओर बढ़ने पर उनका अभिवादन किया, लेकिन तृणमूल कांग्रेस प्रमुख की ओर से स्वाभाविक गर्मजोशी का अभाव नजर आया। नेता विपक्ष सुवेंदु अधिकारी ने ममता बनर्जी पर प्रोटोकॉल तोड़ने का आरोप लगाया।

बंगाल में नेता विपक्ष सुवेंदु अधिकारी ने ट्वीट किया, 'मुख्यमंत्री के द्वारा प्रोटोकॉल का अपमानजनक उल्लंघन। ममता बनर्जी ने माननीय राज्यपाल की गणतंत्र दिवस समारोह में अगवानी नहीं की। लेकिन राज्यपाल विनम्रता दिखाते हुए उनके पास गए और उन्हें विशेष राष्ट्रीय दिवस की बधाई दी। ममता का यह व्यवहार पश्चिम बंगाल की संस्कृति और औचित्य के खिलाफ है।'

 


सुवेंदु अधिकारी ने वीडियो शेयर कर ममता को घेरा
इसके बाद सुवेंदु अधिकारी ने एक वीडियो शेयर किया। उन्होंने लिखा, 'मुख्यमंत्री कार्यालय ने इतना अपमान कभी नहीं किया। यह वीडियो प्रोटोकॉल के उल्लंघन को दर्शाता है। इस तरह का व्यवहार इसलिए क्योंकि राज्यपाल जगदीप धनखड़ कठिन सवाल पूछ रहे हैं?'

कार्यक्रम में ममता, तब तक अपनी कुर्सी से नहीं उठी, जब तक कि राज्यपाल उनके करीब नहीं आ गए। यह देखा गया कि एक समय मुख्यमंत्री ने अपना चेहरा घुमा लिया, जब धनखड़ उन्हें कुछ कहते नजर आ रहे थे। वहीं, तस्वीरें खिंचवाने के दौरान ममता ने राज्यपाल से दूरी बनाए रखी और राज्य विधानसभा अध्यक्ष (स्पीकर) बिमान बनर्जी के नजदीक खड़ी रहीं, जिनके साथ धनखड़ की एक दिन पहले बहस हुई थी।

राज्यपाल ने ममता और स्पीकर की आलोचना की थी
राष्ट्रीय मतदाता दिवस पर विधानसभा परिसर में डॉ. भीम राव आंबेडकर की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित करने के बाद मीडिया से बातचीत करते हुए राज्यपाल ने न सिर्फ स्पीकर और मुख्यमंत्री की आलोचना की थी बल्कि राज्य में राजनीतिक स्थिति को खौफनाक भी बताया था।

वहीं, धनखड़ के आरोपों पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए स्पीकर ने कहा था कि राज्यपाल द्वारा इस तरह की टिप्पणी करना अत्यंत अशिष्ट आचरण है। गौरतलब है कि राज्य के विश्वविद्यालयों में कुलपतियों की नियुक्ति सहित कई मुद्दों को लेकर धनखड़ और पश्चिम बंगाल सरकार के बीच तकरार चल रही है।

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