दरभंगा पेट्रोलकांड को अंजाम देकर नेपाल भाग गया था मास्टरमाइंड, एक चूक ने पहुंचाया जेल

हाइलाइट्स

  • दरभंगा का वीभत्स हत्याकांड
  • पेट्रोलकांड के बाद नेपाल भाग गया था मास्टरमाइंड
  • बैंक के चक्कर में चढ़ा पुलिस के हत्थे
  • कांड में जिंदा जलाए गए गर्भवती महिला और भाई की हो चुकी है मौत

दरभंगा: बिहार (Bihar News) के दरभंगा (Darbhanga News) में जमीन विवाद में भाई-बहन को जिंदा जलाने (Darbhanga Brother Sister Burnt Alive) के केस का मुख्य आरोपी यानि मास्टरमाइंड शिव कुमार झा पुलिस के हत्थे ऐसे ही नहीं चढ़ा। वो तो कांड का अंजाम देकर सरहद पार नेपाल भाग निकला था। इधर जिले की पुलिस उसे बाकी जगहों पर ढूंढ रही थी। लेकिन इसी बीच शिवकुमार झा को पैसों की जरूरत पड़ी और वो नेपाल से मधुबनी आया, हालांकि वो नेपाल बॉर्डर से सटी बिहार सीमा में ही मंडरा रहा था। इसी बीच पुलिस ने भी अपना जाल बिछा रखा था।

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नेपाल भाग गया था मास्टरमाइंड
पुलिस को इसी बीच खबर मिली कि शिवकुमार झा शुक्रवार की शाम नेपाल सीमा से सटे मधुबनी जिले में आया हुआ है। पुलिस ने उसे वहीं के सहारघाट इलाके से दबोच लिया और फिर उसे दरभंगा ले आया गया। इस वीभत्स कांड में पुलिस ने एक अन्य आरोपी तिरूपति राय को भी हिरासत में ले लिया। आरोपी तिरुपति राय कोतवाली थाना इलाके के मदारपुर का रहनेवाला है। तिरुपति ने ही पुलिस को बताया कि इलाके के ही अलताफ और विकास नामके आरोपी भी उसके साथ गए थे। कांड को अंजाम देने के बाद सभी वहां से फरार हो गए।

40 आरोपियों में से 10 गिरफ्तार
दरभंगा जिले के प्रभारी एसएसपी अशोक कुमार प्रसाद के मुताबिक कांड को लेकर दर्ज FIR में एक नामजद समेत कुल 40 लोगों को आरोपी बनाया गया था। इनमें से 10 को पुलिस ने दबोच लिया है। वारदात की रात यानि 10 फरवरी को भाई-बहन को जिंदा जलाने के बाद उसी रात शिवकुमार झा मधुबनी होते हुए नेपाल भाग गया। लेकिन 15 फरवरी को उसे पैसों की जरूरत पड़ गई। वो मधुबनी लौटा और हरलाखी के बाजार में पहुंचा, वो बैंक से पैसे निकालने के फिराक में था लेकिन उसे पुलिस ने दबोच लिया।

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दरभंगा पेट्रोल कांड की कहानी
बिहार के दरभंगा में 10 फरवरी को नगर थाना क्षेत्र के जीएम रोड में भू-माफिया ने एक परिवार के तीन लोगों को जिंदा जलाने की कोशिश की थी। घटना में गंभीर रूप से झुलसी गर्भवती महिला पिंकी झा और उसके भाई संजय झा ने मंगलवार को पटना के पीएमसीएच में दम तोड़ दिया। इसके तीन दिन पहले पिंकी के गर्भ में उसके बच्चे की मौत हो गई थी। पिंकी की बहन निक्की ने आरोप लगाया कि इस घटना के एक दिन पहले जब जेसीबी लेकर शिवकुमार झा के गुंडे उसके मकान को ढहाने आए थे तभी उन लोगों ने पुलिस से मदद मांगी थी। लेकिन पुलिस ने लापरवाही बरती। अगर पुलिस पहले से उसे सुरक्षा दे रही होती तो उसका घर नहीं ढहाया जाता और घर में आग लगाने की घटना नहीं होती।

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