अकबर बीरबल की सीख देती हिन्दी कहानिया

अकबर बीरबल की स्टोरी किस्से कहानियाँ

वैसे तो अकबर बीरबल की आपने अनेक किस्से कहानियाँ चुटकुले सुने ही होंगे जो सभी अपने आप में मजेदार और सीख देने वाले होते है हर कहानी से हमे कुछ ना कुछ जरुर शिक्षा भी मिलती है एक तरफ जहा बादशाह अकबर के अजब गजब प्रश्न देखने को मिलते है तो दूसरी तरफ अकबर के नौ रत्नों में से एक बीरबल के हाजिर जवाब देखने को मिलते है तो चलिए आज यहाँ हम Akbar Birbal stories लेकर आये है जिनसे आपको अच्छी सीख मिल सकती है

 

एक दिन की बात है अकबर अपने दरबार में बीरबल को बुलाते है और भरी सभा में बीरबल को बोलते हैं कल सुबह में तुमसे तीन सवाल पूछूंगा अगर तुमने उन सवालों का सही उत्तर दिया तब तो तुम मेरे नवरत्नों में रहोगे और अगर तुमने सही उत्तर नहीं दिया तो मैं तुम्हें मौत की सजा दे दूंगा,

अब  बीरबल परेशान हो जाते हैं वह कहते हैं राजा ने क्या बोल दिया यह सच में मुझे लटका देंगे उन्हें नींद नहीं आती रात भर अगले दिन सुबह जब सभा लगती है अकबर और बीरबल दोनो आमने सामने

अकबर बीरबल से पहला सवाल पूछते हैं यह बताओ कि खुदा कहां है ?

अब बीरबल परेशान सोचते हैं अगर सीधा उत्तर दूंगा तो गड़बड़ हो जाएगी तो बीरबल अकबर को बोलते हैं महाराज क्या एक गिलास मीठा दूध आ सकता है महाराज अकबर बोलते हैं हाजिर किया जाए वहां पर मीठा दूध आ जाता है बीरबल बोलते हैं  महाराज क्या आप यह दूध पी सकते हैं अकबर दूध को पीते हैं.

अब बीरबल पूछते हैं महाराज क्या यह दूध मीठा था अब अकबर बोलते हैं हां दूध तो मीठा था बीरबल बोलते हैं चीनी कहां थी अकबर बोलते हैं चीनी तो घुल गई ना दूध में तभी तो मीठा था,  इतनी सी बात नहीं पता तुम्हें बीरबल ,

बीरबल बोलते हैं बादशाह सलामत जिस तरह से वह चीनी इस दूध के अंदर भूल गई इसी तरीके से वह ऊपर वाला खुदा हम सबके भीतर घुल चुका है इस दुनिया के हर चीज के अंदर वह समा चुका है जैसे कि वह चीनी इस दूध के अंदर समा चुकी है बादशाह कहते हैं,

 

दूसरा सवाल बादशाह अकबर बीरबल से पूछते हैं यह बताओ उस खुदा को कैसे पाया जा सकता है ?

बीरबल सोचते हैं और फिर बोलते हैं महाराज क्या इस सभा में एक पतीला भरकर छांछ (दही )  आ सकती है अकबर बोलते हैं पेश किया जाए पूरा पतीला भरकर छांछ  आ जाती है वहां पर बीरबल बोलते हैं महाराज इसके अंदर मक्खन तो दिख नहीं रहा अकबर बोलते हैं मक्खन निकालने के लिए तो इसे मथना पड़ेगा ना..

बीरबल बोलते हैं जैसे इस छांछ  को मक्खन के लिए मथना पड़ेगा ना उसी तरीके से हमें अपने अंतर्मन में जाना पड़ेगा और अपने आप को फेटना पड़ेगा  कहीं और नहीं जाना जैसे मक्खन इस छांछ(दही ) के अंदर है वैसे ऊपर वाला भी हमारे अंदर है बस फेटना  पड़ेगा बादशाह अकबर कहते हैं बहुत खूब बीरबल,

बीरबल की खिचड़ी - अकबर और बीरबल की कहानियाँ

तीसरा सवाल बादशाह अकबर पूछते हैं बीरबल से ये बताओ जो उपर वाला खुदा है वो क्या कर सकता है ?

बीरबल सोचते हैं और फिर बोलते हैं महाराज जी  इस जवाब के लिए आपको मुझे अपना गुरु मानना पड़ेगा अकबर बोलते हैं माना तुम्हें गुरु अब बीरबल बोलते हैं महाराज गुरु का स्थान हमेशा शिष्य  से ऊपर होता है तो आपको मेरी जगह आना पड़ेगा और मुझे आपकी जगह जाना पड़ेगा,

अकबर तुरंत नीचे आ जाते हैं और बोलते हैं गुरु जी आप ऊपर जाएगी और बीरबल जाकर सिंहासन पर बैठ जाते हैं बीरबल सिंहासन पर बैठते हैं और जवाब देते हैं महाराज ऊपरवाला चाहे ना तो 2 सेकेंड्स के अंदर राजा को रंक और रंक को राजा बना सकता है.

क्या आपको ऐसा लगता है कि ऊपरवाला किसी भी इंसान की जिंदगी को चुटकियों में बदल सकता है अगर आपको ऐसा लगता है तो कमेंट करके बताइए कितनी अच्छी बात है ना कि ऊपर वाला चाहे तो कुछ भी कर सकता है और जो तीन बातें सीखी है आज आपने अकबर बीरबल की स्टोरी | Akbar Birbal Stories से इसे आप लोगों तक पहुंचाए…

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