एक बार फिर बंद हो सकते हैं रिलायंस के पेट्रोल पंप, जानिए क्या है वजह

  • देशभर में फिर बंद हो सकते हैं रिलायंस के पेट्रोल पंप
  • साल 2008 में भी बंद हो गए थे कंपनी के पेट्रोल पंप
  • कंपनी के डीलरों को इस बार भी ऐसा होने की आशंका
  • डीलरों को नहीं मिल रहा तेल, कई दिनों से खड़े हैं टैंकर
नई दिल्ली: रूस और यूक्रेन के बीच चल रही लड़ाई (Russia-Ukraine war) के कारण दुनिया में कच्चे तेल की कीमत में भारी इजाफा हुआ है। इससे तेल कंपनियों को भारी नुकसान हो रहा है। इससे एक बार फिर देश में रिलायंस इंडस्ट्रीज (Reliance Industries) के पेट्रोल पंप बंद होने का खतरा पैदा हो गया है। इससे पहले 2008 में भी कंपनी ने कच्चे तेल की कीमत बढ़ने के बाद अपने सभी पेट्रोल पंप बंद कर दिए थे। डीलरों को आशंका है कि एक बार फिर ऐसा हो सकता है।इन डीलरों में मितेश जैनी (बदला हुआ नाम) भी हैं जो गुजरात के राजकोट में रिलायंस का पेट्रोल पंप चलाते हैं। महामारी के कारण उनकी हालत पहले से ही खराब थी और अब पेट्रोल पंप के बंद होने की आशंका से उनकी मुश्किलें बढ़ गई हैं। उन्होंने ईटी से कहा, मेरा पेट्रोल पंप तीन दिनों से सूखा पड़ा है। मेरे जैसे दर्जनों पेट्रोल पंप मालिक एरिया मैनेजरों को एसओएस मैसेज भेज रहे हैं लेकिन हमें कोई जवाब नहीं मिल रहा है। उन्होंने कहा कि 2008 में भी ऐसी ही स्थिति पैदा हुई थी जिसके कारण उन्हें पेट्रोल पंप बंद करना पड़ा था।

पहले भी बंद किए थे पेट्रोल पंप
2008 में तेल की कीमत 150 डॉलर प्रति बैरल पहुंच गई थी। इस कारण रिलायंस ने अपने करीब 1400 पेट्रोल पंप बंद कर दिए थे। इसकी वजह यह थी कि रिलायंस सरकारी तेल कंपनियों की तरह सब्सिडी पर तेल नहीं बेच सकती थी। इन कंपनियों को लागत से कम कीमत पर तेल बेचने के लिए सरकार की तरफ से सब्सिडी मिलती है। रिलायंस ने हाल में डीलरों को डीजल की सप्लाई आधी कर दी थी।रिलायंस के एक डीलर ने कहा कि पेट्रोल-डीजल की कीमत पिछले चार दिनों में 2.40 रुपये प्रति लीटर बढ़ाई गई है जो राहत की बात है। लेकिन हमारे पास बेचने के लिए पेट्रोल-डीजल नहीं है। मेरे टैंकर पिछले छह दिनों से खड़े हैं। चार नवंबर से 21 मार्च के बीच कच्चे तेल की कीमत 82 डॉलर प्रति बैरल से बढ़कर 111 डॉलर पहुंच गई। एक ईमेल के जवाब में रिलायंस बीपी मोबिलिटी लिमिटेड (Reliance BP Mobility Limited) के प्रवक्ता ने कहा कि देश में हमारे 1,458 पेट्रोल पंप हैं।

24 रुपये का अंतर
उन्होंने कहा कि रिटेल प्राइस में बढ़ोतरी के बावजूद डीजल की रिटेल और इंडस्ट्रियल कीमत में प्रति लीटर 24 रुपये का अंतर है। इन चुनौतियों के बावजूद रिलायंस रिटेल कस्टमर्स की मांग पूरी करने के लिए प्रतिबद्ध है। कंपनी का कहना है कि डायरेक्ट कस्टमर को भारी मात्रा में डाइवर्जन करने से मांग में तेजी बनी हुई है। RBML ने कहा कि कीमत में भारी बढ़ोतरी की आशंका में डीलर और बिजनस टु बिजनस (B2B) और बिजनस टु कस्टमटर (B2C) भारी मात्रा में तेल उठा रहे हैं। इस कारण भी मांग में अचानक तेजी आई है।रिलायंस देशभर में जियो-बीपी ब्रांड नाम से पेट्रोल पंप चलाती है। यह बीपी-रिलायंस बीपी मोबिलिटी लिमिटेड (RBML) का हिस्सा है। इसका गठन 2020 में हुआ था। बीपी (BP) ने 7,000 करोड़ रुपये में इसमें 49% हिस्सेदारी खरीदी थी। अभी इसके देशभर में 1400 पेट्रोल पंप हैं लेकिन कंपनी की योजना इस संख्या को 5,500 के पार पहुंचाने की है। इसके लिए कंपनी ने 3,000 करोड़ रुपये के निवेश की योजना बनाई है।

19,000 करोड़ का नुकसान
देश में 2014 से ही पेट्रोल और डीजल की कीमतों को ग्लोबल क्रूड प्राइस के साथ जोड़ दिया गया था। लेकिन देश की टॉप तीन कंपनियों इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन (Indian Oil Corporation), भारत पेट्रोलियम कॉरपोरेशन (Bharat Petroleum Corporation) और हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉरपोरेशन (Hindustan Petroleum Corporation) ने पिछले साल चार नवंबर से 21 मार्च तक कीमत नहीं बढ़ाई थी। मूडीज के एक रिपोर्ट के मुताबिक इससे इन कंपनियों को 19,000 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ। मूडीज की रिपोर्ट के मुताबिक नवंबर से मार्च के बीच आईओसी को एक से 1.1 अरब डॉलर, बीपीसीएल तथा एचपीसीएल को प्रत्येक को 55 से 65 करोड़ डॉलर का नुकसान हुआ।पेट्रोल-डीजल की कीमत में जब आखिरी बार बदलाव हुआ था तो अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल की कीमत करीब 82 डॉलर प्रति बैरल थी जो अभी 120 डॉलर के आसपास है। जानकारों के मुताबिक डीजल की कीमत में 13.1 रुपये से 24.9 रुपये प्रति लीटर का इजाफा हो सकता है। इसी तरह पेट्रोल की कीमत में 10.60 रुपये से 22.30 रुपये की बढ़ोतरी हो सकती है।

रिलायंस के पेट्रोल पंप का खर्च
इंडस्ट्री के जानकारों का कहना है कि रिलायंस यूरोपीय देशों को डीजल का निर्यात बढ़ा सकती है क्योंकि उसे इसका ज्यादा फायदा होगा। यूक्रेन पर रूस के हमले के बाद यूरोपीय देशों को सप्लाई प्रभावित हुई है। एक ऑयल मार्केटिंग कंपनी के सीनियर अधिकारी ने कहा कि रिलायंस का ज्यादा जोर निर्यात पर रहता है। यूरोप और अमेरिका का पूर्वी प्रांत उसके बड़े कस्टमर हैं। अगर घरेलू स्तर पर कीमतें बढ़ती हैं तब भी यह एक्सपोर्ट मार्जिन से ज्यादा फायदा होगा।रिलायंस बीपी मोबिलिटी लिमिटेड (Reliance BP Mobility Limited) ने दिल्ली में कई स्थानों पर पेट्रोल पंप खोलने के लिए हाल में विज्ञापन जारी किया था। जियो-बीपी का डीलर बनने के लिए आपके पास खुद की जमीन (शहरी 1200 वर्ग मीटर, नेशनल/स्टेट हाइवे- 3000 वर्ग मीटर और अन्य रोड के आसपास 2000 वर्ग मीटर) होनी चाहिए। इसमें अनुमानित निवेश दो करोड़ रुपये से ज्यादा है। इसमें जमीन की कीमत शामिल नहीं है। साथ ही यह लोकेशन के आधार पर अलग-अलग हो सकती है।

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