यूक्रेन से भाग रहे पुतिन? रूसी सेना ने बदला प्‍लान, अब दोनबास को 'स्‍वतंत्र' कराने पर जोर

हाइलाइट्स

  • रूस की सेना ने संकेत दिया है कि वह अब यूक्रेन की लड़ाई अपना में प्‍लान बदल रही है
  • रूसी सेना के एक प्रमुख अधिकारी ने कहा है कि सेना अब अपने हमले को कम करेगी
  • उन्‍होंने कहा कि इसकी बजाय अब वह पूर्वी दोनबास इलाके को मुक्‍त कराने पर फोकस करेंगे

कीव/मास्‍को: यूक्रेन में पिछले एक महीने की जंग में अब तक हजारों सैनिक और सैंकड़ों टैंक, फाइटर जेट गंवा चुकी रूस की सेना ने संकेत दिया है कि वह अब इस लड़ाई अपना में प्‍लान बदल रही है। रूसी सेना के एक प्रमुख अधिकारी ने कहा है कि सेना अपने हमले को कम करेगी और इसकी बजाय अब पूर्वी दोनबास इलाके को मुक्‍त कराने पर फोकस करेगी। इस बीच पश्चिमी देशों के खुफिया अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि यह संकेत रूस की यूक्रेन को फंसाने की रणनीति का हिस्‍सा हो सकता है।

इस बीच रूस के रक्षा मंत्रालय ने अपने मरने वाले सैनिकों की संख्‍या को भी अपडेट करके 1351 कर दिया है, वहीं पश्चिमी देशों का अनुमान है कि रूस की 20 बटालियन इस जंग में अब तक बर्बाद हो चुकी है जिसमें 10 हजार से ज्‍यादा जवान मारे गए हैं। रूस ने कुल 120 बटालियन को यूक्रेन की सीमा पर मूल रूप से तैनात किया था। रूस ने इस जंग में हुए नुकसान की बजाय यह दिखाने की कोशिश की कि उन्‍हें बढ़त मिल रही है। रूसी सेना ने कहा कि यूक्रेन में उनके सैन्‍य अभियान का पहला चरण पूरा हो गया है।


'पुतिन अपने कदम पीछे खींच रहे हैं'

पश्चिमी देशों का दावा है कि रूसी सेना का यह बयान इस बात का संकेत है कि पुतिन अपने कदम पीछे खींच रहे हैं और यूक्रेन से भागने की कोशिश कर रहे हैं। रूस के लिए एक और बुरी खबर यह है कि उसके ब्रिगेड कमांडर के ऊपर रूसी सैनिकों ने ही टैंक चढ़ा दिया जिससे उनकी मौत हो गई। इस कमांडर की पहचान कर्नल यूरी मेदवदेव के रूप में की गई है जो 37वीं मोटर राइफल ब्रिगेड के थे। उधर, रूसी सेना के रणनीति में बदलाव के बाद भी रूस की ओर से छिटपुट हमले लगातार यूक्रेन पर किए जा रहे हैं।यूक्रेन में 1 महीने से जंग लड़ रहे रूस को अपेक्ष‍ित सफलता नहीं मिल पाई है। रूसी सेना ने यूक्रेन की राजधानी कीव को घेर रखा है लेकिन वे कब्‍जा नहीं कर पा रहे हैं। रूस की सेना यूक्रेन के अन्‍य शहरों में लगातार भीषण हमले कर रही है। ब्रिटिश अखबार डेली मेल सैन्‍य विश्‍लेषकों के हवाले से कहा है कि रूस ने अपनी नई रणनीति को इसलिए बनाया है ताकि पुतिन को यूक्रेन में आसानी से जीतता हुआ दिखाया जा सके। वह भी तब रूस की सेना को भारी नुकसान उठाना पड़ा है।

'यूक्रेन की सेना की लड़ाकू क्षमता बहुत कम हो गई'
रूस की इस रणनीति में महत्‍वपूर्ण बदलाव का ऐलान रूसी सेना के मुख्‍य सैन्‍य अधिकारी सर्गेई रुदस्‍कोई ने किया है। उन्‍होंने कहा कि यह बदलाव इसलिए संभव हुआ है क्‍योंकि यूक्रेन की सेना की लड़ाकू क्षमता बहुत कम हो गई है। इससे हमें अपने मुख्‍य लक्ष्‍य दोनबास को मुक्‍त कराने का समय मिल गया है। दोनबास में ज्‍यादातर रूसी मूल के लोग रहते हैं और वर्ष 2014 से ही यहां पर रूस समर्थित विद्रोही गुट यूक्रेन की सेना के साथ जंग लड़ रहे हैं। यहां रूस की सेना को काफी समर्थन भी मिला है। सर्गेई ने यह भी दावा किया कि यूक्रेन की वायुसेना और उसके एयर डिफेंस सिस्‍टम तथा नौसेना को व्‍यवहारिक रूप से तबाह कर दिया गया है।

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