मुर्तजा अब्बासी का अलकायदा समर्थित इस आतंकी संगठन से संबंध तलाश रहीं एजेंसियां

हाइलाइट्स

  • अलकायदा समर्थित अंजार गजवा तुल हिंद के दो सदस्य 2021 में हुए थे गिरफ्तार
  • संदिग्ध आतंकी मिनहाज और मुशीर पर बम ब्लास्ट की साजिश रचने का आरोप
  • एटीएस की गिरफ्तारी के दौरान कुछ साथी हो गए थे फरार
  • गोरखनाथ मंदिर हमले में गिरफ्तार मुर्तजा का इस संगठन से कनेक्शन तलाश रही एजेंसियां

गोरखपुर: उत्तर प्रदेश के गोरखपुर में गोरखनाथ मंदिर पर हमला मामले में गिरफ्तार मुर्तजा अब्बासी को कोर्ट ने 7 दिन की पुलिस रिमांड पर भेजा है। रिमांड पर मिलने के बाद से ही तमाम सुरक्षा एजेंसियां सक्रिय हो गई है। अब्बासी के यूपी में कनेक्शन, उसकी ट्रैवल हिस्ट्री से लेकर साइकोलॉजी तक का पता लगाया जा रहा है। मामले की जांच में यूपी एटीएस से लेकर एनआईए भी सक्रिय हो गई है। लखनऊ से मुंबई तक और दूसरे अन्य राज्यों तक तमाम टीमें जांच में लगी हुई हैं। जानकारी के अनुसार मुर्तजा अब्बासी के अंजार गजवा तुल हिंद संगठन से संबंध की भी पड़ताल की जा रही है। बता दें पिछले साल यूपी एटीएस ने लखनऊ से दो संदिग्ध आतंकियों को गिरफ्तार किया था, जिनके संबंध अलकायदा समर्थित अंजार गजवा तुल हिंद से थे। उस समय दोनों की गिरफ्तारी के दौरान उनके कुछ साथियों के फरार होने की बात भी सामने आई थी। अब एजेंसियां पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि मुर्तजा अब्बासी का इनसे संबंध तो नहीं।

दरअसल पिछले साल जुलाई में यूपी एटीएस ने दो संदिग्ध आतंकियों को लखनऊ में इन्हें काकोरी और मड़ियांव से गिरफ्तार किया था। इनमें दुबग्गा के जेहटा बरावन कला स्थिति बगारिया निवासी मिनहाज अहमद और दूसरा मड़ियांव के मोहिबुल्लापुर निवासी मसीरुद्दीन उर्फ मुशीर था। एटीएस का दावा कि दोनों यूपी में सिलसिलेवार बम ब्लास्ट की प्लानिंग कर रहे थे। यही नहीं दोनों की साजिश यूपी में फिदायीन हमले की भी थी। एटीएस ने इनके पास से कुकर बम, आईईडी सहित भारी मात्रा में विस्फोटक, पिस्टल व अन्य सामग्री बरामद की थी।

उस समय एडीजी कानून व्यवस्था प्रशांत कुमार ने बताया था कि पाकिस्तान-अफगानिस्तान बॉर्डर से आतंकी गतिविधियां संचालित करने वाला अलकायदा का सदस्य उमर हलमंडी अलकायदा इंडियन सब कॉन्टिनेंट (एक्यूआईएस) संगठन में लोगों को भर्ती कर उन्हें उकसाता था। यह संगठन अलकायदा के गजवा तुल हिंद संगठन के तहत काम करता है। इसी के तहत उमर ने लखनऊ में मिनहाज, मुशीर और शकील को तैयार किया था।

ये सभी 15 अगस्त से पहले लखनऊ के महत्वपूर्ण स्थानों, स्मारकों और भीड़ वाले इलाकों में बम धमाके की तैयारी में थे। इसी साजिश के तहत मिनहाज के घर पर एक कुकर बम तैयार किया गया था। इसके अलावा फिदायीन हमले की भी तैयारी थी। लखनऊ के अलावा यूपी के अन्य महत्वपूर्ण शहर भी इनके निशाने पर थे। कानपुर के कुछ लोग भी इस संगठन के लिए प्रदेश में सक्रिय बताए गए थे। उस समय एटीएस की पूछताछ में सामने आया कि मिनहास और मुशीर के कुछ साथी एटीएस की रेड से कुछ देर पहले ही निकल गए थे। पता चला कि मिनहास पहले कुर्सी रोड स्थित इंटीग्रल यूनिवर्सिटी में टेक्निशयन था। मिनहाज और मुशीर को बम बनाने की ट्रेनिंग भी मिली है।

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