क्या यूपी में अपनी सियासी पिच पर अखिलेश यादव उतार रहे ‘एक्स्ट्रा प्लेयर’?

लखनऊः उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में हार के बाद समाजवादी पार्टी की मुश्किलें खत्म होने का नाम नहीं ले रही हैं। पार्टी के भीतर नेता बागी हो रहे हैं। एक तरफ मुस्लिम नेता आजम खान और नाहिद हसन से जुडे़ मामलों पर अखिलेश यादव के चुप्पी साधने से नाराज हैं। वहीं सपा के विधायक दल की मीटिंग में बुलाए न जाने और कई मौकों पर अनदेखी किए जाने का आरोप लगाते हुए चाचा शिवपाल भी बगावत की भाषा बोल रहे हैं। ऐसे में अखिलेश यादव कई मोर्चों पर चुनौतियां झेल रहे हैं। ऐसा लगता है कि पार्टी के नाराज लोगों को मनाने के लिए अखिलेश खुद पहल करने की बजाय अपने 'एक्स्ट्रा प्लेयर्स' पर भरोसा कर रहे हैं।

पार्टी के भीतर मुस्लिम नेताओं की नाराजगी है कि सपा के वरिष्ठ नेता और पूर्व मंत्री आजम खान को परिवार समेत जेल में डाल दिया गया लेकिन अखिलेश यादव ने चुप्पी साधे रखी। नाहिद हसन भी जेल में हैं। इसके अलावा मुस्लिम समाज के लोगों पर भी लगातार निशाना साधा जा रहा है। इसे लेकर सुलतानपुर से लेकर सहारनपुर तक इस्तीफे का दौर चला। सलमान जावेद और सिकंदर अली जैसे पार्टी के वरिष्ठ मुस्लिम नेताओं ने अखिलेश पर गंभीर आरोप लगाते हुए पार्टी छोड़ दी है।

इस बीच सपा के साथ गठबंधन में शामिल आरएलडी के चीफ जयंत चौधरी ने रामपुर में आजम खान के परिवार से मुलाकात की। उन्होंने आजम के बेटे स्वार विधायक अब्दुल्ला और उनकी मां तंजीन फात्मा से बातचीत की। आजम खान के समर्थक अखिलेश से नाराज हैं। ऐसे में माना जा रहा है कि जयंत की यह मुलाकात आजम के परिवार को मनाने की कवायद है। हालांकि, वह इसमें कितना सफल हुए हैं, इस बारे में उन्होंने कोई बात नहीं की। ऐसा कहा जा रहा है कि आरएलडी चीफ अखिलेश यादव की ओर से आजम खान के परिवार को मनाने की कोशिश में जुटे हैं।

अखिलेश के लिए परेशानी का दूसरा मोर्चा शिवपाल यादव हैं। शिवपाल के बीजेपी में जाने की खबरें बीते दिनों सुर्खियों में रही थीं। अखिलेश से भी जब इस बारे में सवाल पूछा गया था तो उन्होंने इसका खंडन नहीं किया था। वहीं शिवपाल ने 'सही समय आने पर उचित निर्णय' लेने की बात कहकर अटकलों को हवा दे दी थी। ऐसा कहा जा रहा है कि शिवपाल बीजेपी में जा सकते हैं और बीजेपी उन्हें राज्यसभा भेज सकती है। खाली हुई जसवंतनगर सीट पर शिवपाल के बेटे आदित्य यादव को चुनाव लड़वाया जा सकता है।

शिवपाल की नाराजगी को लेकर अखिलेश यादव की ओर से तो कोई पहल नहीं की गई है लेकिन गठबंधन के सहयोगी ओम प्रकाश राजभर ने दावा किया है कि अखिलेश और शिवपाल के बीच सब ठीक है। राजभर ने कहा कि शिवपाल को लेकर कोई खिचड़ी न पकाए। मेरी उनसे बात हुई है और सब ठीक हो रहा है। उन्होंने कहा कि एक दिन हम सब एक साथ बैठकर तय करेंगे।

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