Chess Olympiad 2022: अब भारत में लड़ेंगे रूस-यूक्रेन, बिछ गई शतरंज की बिसात

नई दिल्ली: रूस-यूक्रेन युद्ध की वजह से अब रूस में कोई खेल आयोजन नहीं हो रहा, इसका बड़ा फायदा भारत को हुआ है। भारत जुलाई-अगस्त में 44वें चेस ओलिंपियाड (Chess Olympiad 2022) की मेजबानी मिली है। इसमें हिस्सा लेने वाले देशों के लिहाज से यह फुटबॉल वर्ल्डकप, ओलिंपिक और वर्ल्ड एथेलेटिक्स चैंपियनशिप के बाद सबसे बड़ा टूर्नामेंट है। तमिलनाडु का छोटा सा शहर महाबलीपुरम अब रूस-यूक्रेन के बीच 'युद्ध स्थल' का काम करेगा। ओपन और महिला वर्ग में 187 देशों से रिकॉर्ड 343 टीम पहले ही टूर्नामेंट के लिए प्रविष्टि भेज चुकी हैं।


यूक्रेन-रूस आमने-सामने

 

शतरंज ओलिंपियाड के दौरान 180 से अधिक देशों के प्रतिनिधि वैश्विक शतरंज के लिए सर्वोच्च निकाय, द इंटरनेशनल चेस फेडरेशन (FIDE) के प्रमुख को चुनने के लिए मतदान करेंगे। FIDE के वर्तमान अध्यक्ष और रूस के पूर्व उप प्रधानमंत्री आरकेडी वोरकोविच सबसे आगे हैं। अगर वह जीतते हैं तो यह उनका दूसरा कार्यकाल होगा, उनके खिलाफ यूक्रेन के ग्रैंडमास्टर एंड्री बैरीशपोलेट्स हैं, जिन्होंने मई के अंत में अपनी उम्मीदवारी की घोषणा की थी। शीर्ष पद के लिए दो अन्य उम्मीदवार मैदान में हैं- बचर कौआटली, जो वर्तमान में FIDE के उपाध्यक्ष हैं, और बेल्जियम से इनालबेक चेरिपोव।

शतरंज संघ में रूस का एकाधिकार
रूस को यूक्रेन पर आक्रमण किए चार महीने से अधिक समय हो गया है, जिससे पूरी दुनिया में उथल-पुथल मची हुई है। तब से, मॉस्को को कई वैश्विक मंचों द्वारा दरकिनार कर दिया गया है, लेकिन वोरकोविच के खेमे को जीत का पूरा यकीन है। दूसरी ओर, उनके विरोधियों का तर्क है कि रूस ने शतरंज संघ को लंबे समय तक नियंत्रित किया है। अब उनका वक्त खत्म हो चुका है।

उपाध्यक्ष की रेस में विश्वनाथन आनंद

दो युद्धरत देशों के बीच आमने-सामने के अलावा, 7 अगस्त के चुनाव में एक और दिलचस्प बात है। वोरकोविच ने अपने खेमे से उपाध्यक्ष पद के लिए विश्वनाथन आनंद का नाम बढ़ाया है। अगर वोरकोविच अध्यक्ष बनते हैं तो भारत से पांच बार के विश्व चैंपियन FIDE के उपाध्यक्ष बन जाएंगे। दूसरी ओर यूक्रेनी ग्रैंडमास्टर ने आनंद के सामने उनके पूर्व कोच पीटर हेन नीलसन का नाम बढ़ाया है।

कार्लसन के कोच से आनंद की टक्कर

नीलसन, वर्तमान में दुनिया के नंबर एक खिलाड़ी मैग्नस कार्लसन के कोच हैं। नीलसन FIDE के सबसे मुखर आलोचकों में से एक हैं। उन्होंने पैसों के लेनदेन को लेकर भी कई बार सवाल उठाए हैं। नीलसन ने बीबीसी को बताया कि पिछले चार वर्षों में रूस में 20 प्रमुख शतरंज स्पर्धाओं में से 11 की मेजबानी की गई। हम यहां समानता लाना चाहते हैं।

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