Vedaant Madhavan: बॉलीवुड का यह स्टार किड जो बनना चाहता है रियल हीरो, खेल जगत में गूंज रहा है नाम

राजा का बेटा राज ही बनेगा... कहावत की तरह लगभग हर स्टार एक्टर के बच्चे बॉलीवुड की मायावी दुनिया यानी एक्टिंग में किस्मत आजमाते हैं। अमिताभ बच्चन के बेटे अभिषेक, धर्मेंद्र के बेटे सनी-बॉबी और बेटी ईशा सहित तमाम ऐसे उदाहरण हैं। कई बार तो इसी वजह से बॉलीवुड या फिल्मी दुनिया से जुड़े लोगों पर नेपोटिज्म के आरोप भी लगते रहे हैं, लेकिन एक ऐसा स्टार किड भी है, जो अपने पिता के पदचिन्हों को छोड़ कुछ और ही करने की ठान चुका है। जी हां, यहां बात हो रही है आर. माधवन के गोल्डन बॉय वेदांत के बारे में।

बॉलीवुड में आम चलन है कि स्टार किड अपने माता-पिता के नक्शे कदम पर चलते हैं, लेकिन वेदांत के साथ ऐसा नहीं है। वह अपने पिता की तरह एक्टिंग नहीं, बल्कि स्पोर्ट को अपनी किस्मत बना रहे हैं। फिल्मी जगत की चकाचौंध से दूर वह वास्तविक दुनिया के हीरो बनना चाहते हैं। अब तक वह सफल भी रहे हैं। उन्होंने एक दिन पहले ही एक नेशनल रिकॉर्ड को चकनाचूर किया और गोल्ड मेडल हासिल करते हुए पिता से हटकर अपना नया मुकाम बनाने की ओर एक बड़ा कदम बढ़ाया।

बेटे की सफलता को खूब एंजॉय करते हैं माधवन
पिता आर. माधवन की छाती भी गर्व से चौड़ी हो गई है। वह अपने बेटे की सफलता को खूब एंजॉय करते हैं। सोशल मीडिया पर पहले कम एक्टिव रहने वाले शर्मिले माधवन अब लगातार पोस्ट करते हैं। पेड पोस्ट को छोड़ दिया जाए तो अधिकतर उनके बेटे के बारे में ही होता है। आए दिन सोशल मीडिया पर स्टार किड की तस्वीरे देखने को मिल जाती है, जिसमें जिसमें झलकता है कि उनकी लैविश लाइफ कैसी है।

ऐसा भी नहीं है कि आर माधवन कोई छोटे एक्टर हैं। वह चाहें तो बेटे को बड़े लेवल पर लॉन्च कर सकते हैं। साउथ की फिल्मों में भी उनकी बड़ी पकड़ है। उन्होंने कई हिट फिल्मों में काम किया है। ऐसे में वेदांत के लिए बिल्कुल आसान था कि वह अपने पिता की विरासत को आगे बढ़ाने के लिए फिल्मी दुनिया में करियर बनाते, लेकिन उनका सपना तो कुछ और ही है। वेदांत नहीं चाहते हैं कि उनकी पहचान उनके पिता के नाम की छांव में बने। वह खुद से अपनी एक अलग पहचान गढ़ना चाहते हैं।

वेदांत ने तोड़ा नेशनल रिकॉर्ड
यह तो रही कहानी। अब असल बात पर आते हैं। माधवन के बेटे वेदांत ने रविवार को जूनियर नेशनल तैराकी चैम्पियनशिप में रिकॉर्डतोड़ प्रदर्शन किया। उन्होंने ग्रुप-ए में 1500 मीटर फ्रीस्टाइल में नेशनल रिकॉर्ड अपने नाम किया। वेदांत ने यहां 16:01.73 सेकंड के समय से 2017 में बनाए गए 16:06.43 सेकंड के रिकॉर्ड को पीछे छोड़ा। वेदांत ने इस मामले में अद्वैत पेज को पछाड़ा है।

बेटे के इस उपलब्धि पर माधवन ने सोशल मीडिया पर ट्वीट कर कहा, ना कभी नहीं कहें, '1500 मीटर फ्रीस्टाइल के लिए राष्ट्रीय जूनियर रिकॉर्ड टूट गया।'

 

सिल्वर का सफर अब गोल्ड तक पहुंचा
जूनियर नेशनल के इस प्रतियोगिता में वेदांत ने कर्नाटक के अमोघ आनंद वेंकटेश (16:21.98 सेकेंड) और बंगाल के शुभोजित गुप्ता (16:34.06) को पीछे छोड़ा जिन्होंने क्रमश: सिल्वर और ब्रॉन्ज पदक जीते। इसी साल अप्रैल में वेदांत ने अंडर-17 डेनिश ओपन स्विमिंग चैंपियनशिप में हिस्सा लिया था। इस प्रतियोगिता में उन्होंने सिल्वर मेडल अपने नाम किया। 1500 मीटर फ्रीस्टाइल स्पर्धा में वेदांत ने 15.57.86 सेकंड का समय निकाला था।

ओलिंपिक में भारत के लिए मेडल जीतने का लक्ष्य
वेदांत माधवन का सपना है कि वह ओलिंपिक में भारत का प्रतिनिधित्व करें। इसके लिए वह लगातार कड़ी मेहतन कर रहे हैं। यही कारण है कि आर माधवन भारत से दुबई शिफ्ट हए, जहां वह अपने बेटे को ओलिंपिक की तैयारी के लिए बेहतर कोचिंग और ट्रेनिंग उपलब्ध करा सकें। एक पिता के तौर पर माधवन भी अपने बेटे के सपने को पूरा करने के में कोई कसर नहीं छोड़ना चाहते हैं।

माधवन को बेटे की हर उपलब्धि पर गर्व है और वह उन तमाम पैरेंट्स के लिए भी उदाहरण हैं, जो अपने बेटे के सपनों को जीना चाहते हैं। उनका यह कदम बॉलीवुड इंडस्ट्री के लिए भी मिसाल है। एक्टिंग की सुनहरी दुनिया से अलग एक पहचान बनाना चुनौती होती है। कई बार एक्टर कहते हैं कि फलां स्पोर्ट्स स्टार की बायोपिक करने में बहुत मेहनत की थी, लेकिन जो वेदांत कर रहे हैं वह असल मेहनत है। यहां कैमरा और एक्शन तो होता है, लेकिन रीटेक नहीं। उम्मीद है वेदांत आगे चलकर पूरे देश को गौरवान्वित करने का मौका देंगे।

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