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हिजाब पर यू टर्न, अब एमपी के सरकारी स्कूलों में ड्रेस कोड नहीं होगा

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भोपाल : मंगलवार को एमपी के स्कूली शिक्षा मंत्री इंदर सिंह परमार ने कहा था कि एमपी के स्कूलों में ड्रेस कोड ()लागू होगा। साथ ही उन्होंने कहा था कि ड्रेस कोड में हिजाब नहीं है। इसका मतलब साफ था कि ड्रेस कोड लागू होने के बाद हिजाब बैन (hijab ban update in madhya pradesh) हो जाएगा। विवाद बढ़ा तो सरकार के कई मंत्रियों ने इस पर सफाई दी है। इसके बाद स्कूली शिक्षा मंत्री इंदर सिंह परमार ने यू टर्न ले लिया है। उन्होंने अब साफ कर दिया है कि प्रदेश के स्कूलों में ड्रेस कोड लागू (no dress code in mp school) नहीं होगा।

 

स्कूली शिक्षा मंत्री इंदर सिंह परमार ने कहा कि कल मैंने स्कूलों में गणावेश को लेकर बयान जारी किया था। मेरा बयान स्कूलों में समानता, अनुशासन और पहचान के संबंध में था। इसलिए मैंने यूनिफॉर्म कोड लागू करने के लिए कहा था। मगर कुछ लोगों ने उसका गलत अर्थ निकालकर उसे पूरे देश के सामने अलग तरीके से रखा है। मैं उसका खंडन करता हूं। साथ ही हम स्कूलों में कोई अलग से ड्रेस कोड लागू नहीं करेंगे। इस दिशा में हम कोई काम भी नहीं कर रहे हैं।

हिजाब विवाद सामने आने के बाद एमपी के गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा ने भी सामने आकर सफाई दी है। उन्होंने साफ किया है कि हिजाब को लेकर कोई विवाद नहीं है। साथ ही सरकार के पास ऐसा कोई प्रस्ताव भी नहीं है। प्रदेश में इसे लेकर कोई भ्रम की स्थिति में नहीं रहे, जहां यह विवाद चल रहा है, वहां भी पूरा मामला न्यायलय में लंबित है।

 


उमा भारती ने रोकने की अपील की
वहीं, एमपी की पूर्व सीएम उमा भारती ने पूरे मामले पर ट्वीट कर कहा है कि कर्नाटक में हिजाब पहनने पर उठा हुआ विवाद राजनैतिक और सांप्रदायिक दिशा में मुड़ गया है। इसे रोकने के लिए राजनैतिक दलों के नेता इस पर अपनी टिप्पणी तुरंत बंद कर दें। राज्य की सरकारें, शिक्षण संस्थाओं की स्वाधीनता और नागरिकों का संवैधानिक अधिकार तीनों को मिलाकर जो निष्कर्ण निकले, उसे स्वीकार करे।

कांग्रेस ने साधा निशाना
हिजाब विवाद पर कांग्रेस प्रवक्ता नरेंद्र सलूजा ने कहा है कि यह सब कुछ चुनावी एजेंडा है। पांच राज्यों में चुनाव होने वाले हैं, उससे पहले सरकार जमीन तैयार कर रही है। बीजेपी इसे जानबूझकर तूल दे रही है। चुनाव के बाद यह सब कुछ खत्म हो जाएगा। एमपी में भी अभी चीजें स्पष्ट नहीं हैं। सरकार के मंत्रियों की तरफ से अलग-अलग बयान आ रहे हैं।

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