OlympicsSports

ओलंपियन प्रवीण के परिवार को मिल रही धमकी, पिता बोले- गांव छोड़ने पर मजबूर

Spread the love

नई दिल्ली. टोक्यो ओलंपिक (Tokyo Olympics) में हिस्सा लेने वाले तीरंदाज प्रवीण जाधव (Pravin Jadhav) के परिवार को लगातार धमकियां मिल रही हैं. उनका परिवार महाराष्ट्र के सतारा के एक गांव में रहता है. जहां उनका माता-पिता घर बनाना चाहते हैं. लेकिन पड़ोसी उन्हें ऐसा करने से रोक रहे हैं. इसी वजह से प्रवीण के परिवार को मकान का निर्माण कार्य भी रोकना पड़ा. इससे परिवार का परिवार काफी आहत है. उनके पिता ने कहा कि अगर उन्हें गांव में मकान नहीं बनाने दिया जाता है, तो वो गांव छोड़ देंगे.

प्रवीण का परिवार सतारा के सराडें गांव में रहते हैं. जहां उनका पहले से ही एक छोटा सा मकान है. जिसे वो बड़ा बनाना चाहते हैं. लेकिन प्रवीण के परिवार का आरोप है कि पड़ोसी उन्हें उनकी ही जमीन पर मकान का निर्माण कार्य नहीं करने दे रहे हैं और उल्टा धमका रहे हैं. उनके पिता रमेश जाधव ने साफ कर दिया है कि अगर यह विवाद नहीं सुलझा तो वो गांव छोड़ने पर मजबूर हो जाएंगे.

स्टेट एग्रीकल्चर कॉरपोरेशन ने पट्टे पर दी थी जमीन
टोक्यो से लौटने के बाद प्रवीण ने एक न्यूज एजेंसी से बात करते हुए कहा था कि मेरे माता-पिता स्टेट एग्रीकल्चर कॉरपोरेशन में मजदूरी करते थे. कॉरपोरेशन ने ही उन्हें जमीन पट्टे भी दी थी. लेकिन इसका कोई लिखित समझौता नहीं हुआ था. अब हम इस जमीन पर बड़ा मकान बनाना चाहते हैं. लेकिन पड़ोसियों ने इस पर आपत्ति जताते हुए जमीन पर अपना दावा कर दिया कि पूरी जमीन उनकी है. प्रवीण का कहना है कि उन्होंने मकान निर्माण के लिए एक लाख से ऊपर का सामान खरीदा था. लेकिन इस विवाद के बाद उन्हें इसे बहुत कम कीमत पर बेचना पड़ गया.

हमारे पास जमीन के पूरे कागजात हैं: प्रवीण
जाधव ने कहा कि पड़ोसी पहले भी परेशान करते थे और एक अलग लेन चाहते थे, जिस पर हम राजी हो गए थे. लेकिन अब वे सारी सीमा पार कर रहे हैं. उन्होंने कहा कि हम इस मकान में बरसों से रह रहे हैं और हमारे पास सारे कागजात हैं.

प्रशासन ने जल्द विवाद सुलझने का भरोसा जताया
इस पूरे विवाद पर स्थानीय प्रशासन का कहना है कि जिस जमीन पर प्रवीण का परिवार मकान बनाकर रह रहा है. वो अभी भी एग्रीकल्चर कॉरपोरेशन के नाम पर ही है. उन्होंने बताया कि जब इस जमीन पर जाधव परिवार ने मकान निर्माण का काम शुरू किया तो पड़ोसियों ने यह कहते हुए आपत्ति जताई कि अगर मकान बनेगा तो उनके आने-जाने का रास्ता पूरी तरह से बंद हो जाएगा. प्रशासन ने जल्द ही इस विवाद के सुलझने का भरोसा जताया है.

जाधव ने कहा कि मैं फिलहाल सोनीपत में हूं और सतारा में मेरा परिवार परेशान है. मैने सेना के अधिकारियों को बता दिया है और वे इसे देख रहे हैं. पुलिस और प्रशासन ने भी इस विवाद में जाधव के परिवार को पूरा सहयोग देने का भरोसा दिलाया है.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *