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ब्रह्मांड में मिला ‘आलू’ के जैसा ग्रह, अजीबोगरीब आकार देख धरती के खगोलविद हैरान

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पेरिस
हमारे सोलर सिस्‍टम में तरह-तरह के ग्रह मौजूद हैं। ब्रह्मांड में एक और सोलर सिस्‍टम भी है जिसमें अजीबोगरीब ग्रह मौजूद हैं। इनमें से एक तो ‘आलू’ की तरह से दिखता है। इस ग्रह को कुछ वैज्ञानिक रग्‍बी की बॉल की तरह से भी बता रहे हैं। इस ग्रह का नाम WASP-103b है जो हरक्‍यूलिस तारामंडल में मौजूद है। इसके पास एक तारा भी है जिसका नाम WASP-103 है। यह आलू जैसा ग्रह हमारे सूरज से भी ज्‍यादा गर्म और बड़ा है।

यह ग्रह अपने सितारे का चक्‍कर लगाने में एक दिन से भी कम समय लेता है। यूरोपीय स्‍पेस एजेंसी मंगलवार को बताया, ‘ऐसा पहली बार है जब एक विकृत आकार वाले ग्रह की पहचान की गई है। इससे ऐसे ग्रहों के आंतरिक ढांचे के बारे में नई जानकारी मिली है।’ वैज्ञानिकों के दल ने एजेंसी के चेओप्‍स स्‍पेस टेलिस्‍कोप, नासा के हब्‍बल और स्पित्‍जर टेलिस्‍कोप से मिले नए आंकड़े के आधार पर WASP-103b के बारे में यह जानकारी दी है।

बृहस्‍पति से आकार में दोगुना बड़ा
वैज्ञानिकों ने जर्नल ऐस्‍ट्रोनॉमी एंड एस्‍ट्रोफिजिक्‍स में एक शोधपत्र भी प्रकाशित कराया है। यह ग्रह बृहस्‍पति से आकार में दोगुना बड़ा है और इसका आंतरिक ढांचा भी बृहस्‍पति की तरह से गैस से भरा है। शोधकर्ता चेओप्‍स टेलिस्‍कोप से यह जान पाए कि इस ग्रह का आकार आलू की तरह से है। वैज्ञानिकों ने कहा कि बृहस्‍पति की तुलना में बहुत ज्‍यादा गैस से भरा हुआ है। ऐसा संभवत: उसके सितारे के बहुत ज्‍यादा गर्म करने की वजह से हो रहा है।

 

exoplanet shaped like rugby ball

यूरोपीय स्‍पेस एजेंसी ने की इस ग्रह की खोज

खगोलविद और मुख्‍य शोध लेखिका सुसाना बरोस कहती हैं, ‘अगर हम भविष्‍य के आकलन में ग्रह के आंतरिक ढांचे के बारे में पुष्टि कर सकें तो उससे यह पता चल सकेगा कि कैसे यह इतना ज्‍यादा गैस से भरा बना।’ उन्‍होंने कहा कि इस ग्रह के कोर के आकार के बारे में भी जानकारी मिलने से उसके बहुत ज्‍यादा गैसीय होने के बारे में पता लगाया जा सकेगा। इस ग्रह गैसीय होना एकमात्र रहस्‍य नहीं है।

समय के साथ अपने ग्रहों को खा जाते हैं सितारे
यह ग्रह अपने सितारे से दूर जा रहा है, जबकि हम अपेक्षा करते हैं कि वह समय के साथ अपने सितारे के करीब जाएगा। वैज्ञानिकों का कहना है कि यह पता लगाने के लिए अभी और ज्‍यादा विश्‍लेषण की जरूरत है लेकिन यह अन्‍य ग्रहों की तरह से खत्‍म होने से बचने की कोशिश कर रहा है। सितारे समय के साथ अपने ग्रहों को खा जाते हैं।

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