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हिजाब विवाद में पाकिस्तान के बाद अब कूदा मुस्लिम देशों का संगठन, भारत को देने लगा नसीहत

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हाइलाइट्स

  • मुस्लिम देशों के संगठन ओआईसी ने हिजाब विवाद को लेकर की टिप्पणी
  • भारत से की अपने मुस्लिम नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की अपील
  • हिजाब विवाद, धर्म संसद को लेकर यूएन से की जरूरी कदम उठाने की अपील

रियाद : भारत में चल रहे हिजाब विवाद (Hijab Controversy) में अब इस्लामिक देशों का संगठन ओआईसी (Organization Of Islamic Cooperation) भी कूद पड़ा है। इस्लामिक सहयोग संगठन (OIC) ने हिजाब विवाद, धर्म संसद और मुस्लिम महिलाओं को ऑनलाइन निशाना बनाए जाने की खबरों को लेकर टिप्पणी की है। संगठन के महासचिव हुसैन इब्राहिम ताहिर ने संयुक्त राष्ट्र (United Nation) से इन मामलों को लेकर जरूरी कदम उठाने के लिए अपील की है।

अपने आधिकारिक ट्विटर हैंडल पर ओआईसी ने कहा, ‘इस्लामिक सहयोग संगठन के महासचिव ने उत्तराखंड के हरिद्वार में ‘हिंदुत्व’ समर्थकों की ओर से मुसलमानों के नरसंहार के लिए आह्वान, सोशल मीडिया साइट्स पर मुस्लिम महिलाओं के उत्पीड़न की घटनाओं, साथ ही कर्नाटक में मुस्लिम छात्राओं के हिजाब पहनने पर प्रतिबंध लगाने पर गहरी चिंता जताई है।’ इससे पहले पाकिस्तान और अमेरिका भी हिजाब विवाद पर टिप्पणी कर चुके हैं।

संयुक्त राष्ट्र से जरूरी कदम उठाने की अपील
ट्वीट में कहा गया, ‘ओआईसी के महासचिव ने इस संबंध में अंतरराष्ट्रीय समुदाय, खासकर संयुक्त राष्ट्र और मानवाधिकार परिषद से जरूरी कदम उठाने का आह्वान किया है। ओआईसी एक बार फिर भारत से आग्रह करता है कि मुस्लिम समुदाय के जीने के अधिकार की रक्षा करते हुए इसके सदस्यों के हितों की रक्षा और सुरक्षा सुनिश्चित करे। साथ ही उनके खिलाफ हिंसा और नफरत जैसे अपराधों को भड़काने वालों और अपराधियों को न्याय के कटघरे में लाए।’

पहले भी भारत के खिलाफ उगल चुका है जहर
यह पहली बार नहीं है कि जब मुस्लिम देशों के इस संगठन ने भारत के आंतरिक मामलों पर टिप्पणी की है। इससे पहले भी ओआईसी कश्मीर पर जहर उगल चुका है। पिछले साल विशेष दूत युसेफ एल्डोबे ने कहा था कि ओआईसी कश्मीर के लोगों के आत्मनिर्णय के अधिकार का समर्थन करना जारी रखेगा। ऑर्गनाइजेशन ऑफ इस्लामिक कंट्रीज दुनियाभर के मुसलमान मुल्कों का रहनुमा होने का दावा करता है।

उइगर पर चुप रहता है मुस्लिम संगठन
25 सितंबर 1969 में बने इस संगठन का पाकिस्तान संस्थापक सदस्य है। दुनिया में मुसलमानों की दूसरी सबसे ज्यादा आबादी वाला भारत इस संगठन का सदस्य नहीं है। पाकिस्तान शुरू से ही इस संगठन का उपयोग भारत के खिलाफ करता आया है। चीन, पाकिस्तान, सीरिया, अफगानिस्तान और ईराक में मुसलमानों की दुर्दशा के सवाल पर इस संगठन के मुंह पर चुप्पी छा जाती है। आजतक इस संगठन ने चीन में उइगर मुसलानों के ऊपर हो रहे अत्याचारों की एक बार भी निंदा नहीं की है।

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