अंपायर के नॉटआउट दिए जाने के बाद भी डिकॉक ने क्यों छोड़ा मैदान, बॉलर भी पीठ थपथपाने लगा

पुणे: लखनऊ सुपर जायंट्स ने महज 154 रन के लक्ष्य का सफलतापूर्वक बचाव करते हुए पंजाब किंग्स के खिलाफ इंडियन प्रीमियर लीग में शुक्रवार को 20 रन से जीत दर्ज की। मैच में लखनऊ के गेंदबाजों का बोलबाला रहा। बल्लेबाजी में क्विंटन डिकॉक छाए, जिन्होंने 37 गेंद में 46 रन बनाए। मगर यह विकेटकीपर बल्लेबाज सिर्फ अपनी बैटिंग के लिए ही चर्चा में नहीं है।

दरअसल, मैच में पंजाब ने टॉस जीतकर पहले फिल्डिंग करते हुए शुरू से कसी गेंदबाजी की। रबाडा ने अच्छी फॉर्म में चल रहे राहुल (6) को विकेटकीपर जितेश शर्मा के हाथों कैच कराकर पंजाब को बड़ी सफलता दिलाई, लेकिन डिकॉक ने दक्षिण अफ्रीका के अपने इस साथी पर हावी होने की रणनीति अपनाई और उनके अगले ओवर में लगातार दो छक्के लगाए जिससे लखनऊ पावरप्ले में 39 रन बनाने में सफल रहा।

पारी के 13वें ओवर में संदीप शर्मा की शॉर्ट पिच गेंद पर विकेट के पीछे कैच की अपील जब अंपायर ने ठुकरा दी तो डिकॉक ने खेल भावना दिखाते हुए खुद ही क्रीज छोड़ दी। डिकॉक के इस एटिट्यूड से संदीप शर्मा इतने प्रभावित हुए कि उनकी पीठ थपथा दी।

लखनऊ ने बीच के ओवरों में 13 रन के अंदर पांच विकेट गंवाए, जिससे क्विंटन डिकॉक (37 गेंदों पर 46 रन, चार चौके, दो छक्के) और दीपक हुड्डा (28 गेंदों पर 34 रन, एक चौका, दो छक्के) के बीच दूसरे विकेट के लिए 85 रन की साझेदारी से सजा मंच बिखर गया। लेकिन निचले क्रम के बल्लेबाजों के उपयोगी योगदान से टीम आखिर में आठ विकेट पर 153 रन बनाने में सफल रही।

लखनऊ के गेंदबाजों ने हालांकि पंजाब के लिये यह स्कोर पहाड़ जैसा बना दिया। उसने नियमित अंतराल में विकेट गंवाए और आखिर में उसकी टीम आठ विकेट पर 133 रन तक ही पहुंच पाई। उसकी तरफ से जॉनी बेयरस्टॉ ने सर्वाधिक 32 रन बनाए।

 

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

%d bloggers like this: