Ulcer Home Remedy: ये 4 चीजें करेंगी पेट के छाले का अंत, साइंस ने माना- दवा से कम नहीं ये नुस्खे

पेट के अल्सर(stomach ulcer) के अल्सर को गैस्ट्रिक अल्सर भी कहा जाता है। यह पेट की परत में दर्दनाक घाव की तरह होते हैं। यह पेप्टिक अल्सर(peptic ulcer) का एक प्रकार होता है। पेप्टिक अल्सर पेट और छोटी आंतों और अन्नप्रणाली के अस्तर पर होने वाले घाव होते हैं। पेट में अल्सर उस समय होता है, जब आपके पेट को पाचक रसों से बचाने वाले बलगम की मोटी परत कम हो जाती है। कैसे होता है पेट में अल्सर, यह मुख्य रूप से जीवाणु हेलिकोबैक्टर पाइलोरी (H. pylori) के संक्रमण या एस्पिरिन, इबुप्रोफेन, या नेप्रोक्सन जैसे एंटी-इंफ्लेमेंटरी दवाओं के लंबे समय तक सेवन से होता है।


पेट में अल्सर हो जाए तो क्या करना चाहिए? हालांकि पेट के अल्सर आसानी से ठीक हो सकते हैं, लेकिन उचित उपचार के बिना वे गंभीर हो सकते हैं। वैसे तो डॉक्टर पेप्टिक अल्सर में 10 दिन की दवा देते हैं। इसमें खासतौर से पीपीआई (प्रोटॉन पंप इनहिबिटर), क्लैरीथ्रोमाइसिन और एमॉक्सिस्लिन ग्रुप की दवाएं होती हैं। इनसे एसिड का असर कम हो जाता है। इसके अलावा आप इस बीमारी से घर पर भी निजात पा सकते हैं। ऐसे में हम आपको पेट में अल्सर के घरेलू उपचार बता रहे हैं।

​पेट में अल्सर के लक्षण

  • पेट में सुस्त दर्द
  • वजन घटना
  • दर्द के कारण खाना नहीं खिलाना
  • जी मचलाना
  • सूजन
  • भरा हुआ महसूस करना
  • डकार या एसिडिटी
  • जो सीने में जलन
  • एनीमिया
  • डार्क, टैरी स्टूल
  • खूनी उल्टी

​अल्सर का रामबाण उपाय- पत्तागोभी का जूस

एक स्टडी के अनुसार, पत्तागोभी अल्सर को ठीक करने में मदद करता है। यह एक अल्सर का लोकप्रिय और नेचुरल उपचार है। माना जाता है कि पेट के अल्सर को ठीक करने के लिए एंटीबायोटिक्स उपलब्ध होने से दशकों पहले डॉक्टरों भी इसका इस्तेमाल किया करते थे। दरअसल, पत्ता गोभी जूस में ऐसे यौगिक होते हैं जो पेट के अल्सर को रोकने और ठीक करने में मदद कर सकते हैं। पत्ता गोभी विटामिन सी में भी समृद्ध है, जिसमें समान सुरक्षात्मक गुण पाए जाते हैं।

 

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कैसे इस्तेमाल करें-पत्तागोभी को जूसर में डालकर जूस तैयार कर लें। हर दिन 1 कप जूस अल्सर में बहुत फायदेमंद साबित हो सकता है।

​अल्सर को ठीक करने के लिए क्या खाएं- शहद

शहद के गुणों पर हुए अध्ययन के अनुसार, शहद एक एंटीऑक्सीडेंट से भरपूर भोजन है जो कई तरह के स्वास्थ्य लाभों से जुड़ा है। यह एंजाइम हाइड्रोजन पेरोक्साइड का उत्पादन करने के भी लिए जाना जाता है, जो अल्सर पैदा करने वाले बैक्टीरिया हेलिकोबैक्टर पाइलोरी (Helicobacter Pylori) से लड़ने में मदद करता है। इसके अलावा शहद कुछ प्रकार के कैंसर समेत, आंखों का स्वास्थ्य, हार्ट डिजिज और स्ट्रोक जैसे समस्याओं में भी फायदेमंद होता है।

कैसे इस्तेमाल करें-

एक गिलास गर्म पानी में एक बड़ा चम्मच शहद और चुटकीभर दालचीनी पाउडर मिलाकर मिश्रण तैयार करें। रोजाना इसका 2 बार सेवन करना अल्सर की परेशानी को कम करने में मदद करता है।

​लहसुन है अल्सर की नेचुरल दवा

एक स्टडी के अनुसार, लहसुन में एलिसिन नामक यौगिक पाया जाता है, जिसमें शक्तिशाली रोगाणुरोधी गुण होते हैं। यह हेलिकोबैक्टर पाइलोरी से लड़ने में मदद कर सकते हैं। इन्हीं बैक्टीरियों की वजह से पेप्टिक अल्सर होता है। यह अल्सर को होने से रोकने के साथ जल्दी ठीक करने का भी काम करता है।

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कैसे इस्तेमाल करें-लहसुन की 2-3 कलीयों को रोज सब्जी में डाल कर खाएं। हर दिन लहसुन की 1 कली को चबाना भी फायदेमंद होता है।

​अल्सर को जड़ से खत्म करने के लिए क्या करें- हल्दी खाएं

एक स्टडी में बताया गया है कि हल्दी में मौजूद कर्क्यूमिन नामक यौगिक एंटीइंफ्लेमेटरी और एंटीऑक्सीडेंट गुणों से भरपूर होता है। जिसकी वजह से पेट के अल्सर का कारण बनने वाले बैक्टीरिया पनप नहीं पाते हैं। इसके साथ ही ये रक्त वाहिका के कार्य को बेहतर करने से लेकर सूजन और हृदय रोग के जोखिम को भी कम करने का काम करता है।

कैसे इस्तेमाल करें-

एक गिलास गर्म पानी में एक चम्मच हल्दी को अच्छी तरह से मिलाकर इस मिश्रण को 2-3 बार पिएं। स्वाद के लिए आप इसमें शहद भी मिला सकते हैं।

डिस्क्लेमर: यह लेख केवल सामान्य जानकारी के लिए है। यह किसी भी तरह से किसी दवा या इलाज का विकल्प नहीं हो सकता। ज्यादा जानकारी के लिए हमेशा अपने डॉक्टर से संपर्क करें।

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