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दो घंटे से जूझ रहे थे फायरकर्मी, दिल्ली में पहली बार रोबॉट ने 30 मिनट में बुझा दी आग

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हाइलाइट्स

  • रविवार सुबह टीकरी कलां के पीवीसी मार्केट में लग गई थी भीषण आग
  • आग बुझाने के लिए पहली बार विदेश से मंगाए गए रोबॉट की मदद ली
  • पिछले महीने आग बुझाने के दौरान निगरानी के लिए हुआ था ड्रोन का यूज

नई दिल्ली : आग पर जल्दी काबू पाने के लिए दिल्ली फायर सर्विस अब नई-नई तकनीकों का इस्तेमाल कर रही है। पिछले महीने बवाना इंडस्ट्रियल एरिया की दो फैक्ट्रियों में लगी आग को बुझाने के दौरान निगरानी के लिए पहली बार ड्रोन कैमरों का इस्तेमाल किया गया, तो अब रविवार की सुबह टीकरी कलां के पीवीसी मार्केट में लगी आग को बुझाने के लिए पहली बार विदेश से मंगाए गए एक रोबॉट की मदद ली गई। आग को बुझाने के लिए दमकलकर्मी दो घंटे से मशक्कत कर रहे थे, उस पर रोबॉट ने महज आधे घंटे में ही काबू पा लिया।

ऑस्ट्रिया से खरीदा गया था यह रोबॉट
दिल्ली फायर सर्विस के डायरेक्टर अतुल कुमार गर्ग ने बताया कि दिल्ली के उप-राज्यपाल अनिल बैजल ने पहल करते हुए दिल्ली फायर सर्विस को आग बुझाने के लिए कई अत्याधुनिक उपकरण मुहैया कराने में मदद की थी। उसी के तहत ऑस्ट्रिया की एक कंपनी से यह रोबॉट खरीदा गया था। गर्ग ने बताया कि सुबह पौने 5 बजे के करीब कंट्रोल रूम को सूचना मिली थी कि टीकरी इलाके में राधे-राधे धर्मकांटा के पास पीवीसी मार्केट स्थित प्लास्टिक के कबाड़ के एक गोदाम में आग लगी है।

तेज हवाओं के चलते फैल रही थी आग
दमकल की 20 गाड़ियों को मौके पर भेजा गया था। तेज हवाओं के चलते आग फैलती जा रही थी और करीब 3000 वर्ग गज इलाका आग की चपेट में आ चुका था। इसे देखते हुए मौके पर पहुंचे डिविजनल ऑफिसर एम.के. चट्टोपाध्याय की सिफारिश पर आग बुझाने के लिए रोबॉट का इस्तेमाल करने का फैसला किया गया।
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रोबॉट के इस्तेमाल में पानी की जरूरत अधिक

इस बीच 18 हजार लीटर पानी के स्टोरेज की क्षमता वाली दमकल की 8-10 गाड़ियां भी मौके पर बुला ली गईं, क्योंकि रोबॉट के इस्तेमाल में पानी की जरूरत ज्यादा पड़ती है। रोबॉट के पाइप्स को इन गाड़ियों के साथ अटैच करके प्रभावित क्षेत्र में पानी का छिड़काव शुरू किया गया और उसके बाद आग पर काबू पा लिया गया।

बेहतरीन फायरफाइटिंग उपकरणों में है शामिल
आग को बुझाने में जिस रोबॉट का इस्तेमाल किया, उसकी गिनती दुनिया के बेहतरीन फायर फाइटिंग उपकरणों में की जाती है। इसी साल जनवरी में दिल्ली फायर सर्विस के बेड़े में शामिल हुए इस रोबॉट की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसे रिमोट कंट्रोल की मदद से ऑपरेट किया जाता है। उप-राज्यपाल की सलाह पर इसे खरीदने के लिए पूरी टेंडर प्रोसेस डीएमआरसी के जरिए की गई थी।

फायर कर्मियों को दी गई है स्पेशल ट्रेनिंग
दिल्ली फायर सर्विस के डायरेक्टर अतुल गर्ग ने बताया कि इस रोबॉट को ऑपरेट करने के लिए दिल्ली फायर सर्विस के फायर फाइटर्स को स्पेशलाइज्ड ट्रेनिंग भी दिलाई गई है। एक अलग एसओपी भी बनाई गई है, जिसका पालन करते हुए आग बुझाने की घटनाओं के दौरान इसका इस्तेमाल किया जाएगा। इसमें मुख्य रूप से यह बताया गया है कि इसका इस्तेमाल कब, कैसे और किस तरह की घटनाओं के दौरान करना है। यह रोबॉट ऐसे मटीरियल से बना है, जिस पर आग, धुएं, गर्मी या किसी भी अन्य बाहरी विषय परिस्थिति का कोई असर नहीं पड़ता है। इसके निचले हिस्से में सेना के टैंकों की तरह टायरों के ऊपर क्रॉलर बेल्ट या ट्रैक लगी होती है, जिसकी मदद से यह किसी भी जगह पर आसानी से जा सकता है।

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इसमें एक हाई रेजोल्यूशन कैमरा भी लगा हुआ है। यह कैमरा आग, धुएं और पानी के बावजूद साफ तस्वीरें दिखाने में सक्षम है। रोबॉट के पिछले हिस्से में कनेक्टर लगे हैं, जिनमें पाइप लगाकर इसे वॉटर टैंकर से कनेक्ट किया जाता है। इसके ऊपरी हिस्से पर एक बड़ा पंखा लगा हुआ है, जो न केवल एग्जॉस्ट फैन की तरह धुएं को बाहर फेंकने का काम करता है, बल्कि पानी की बौछारों को दूर तक पहुंचाने में भी मदद करता है। गर्ग ने बताया कि दिल्ली फायर सर्विस ने ऐसे दो रोबॉट खरीदे हैं। इनके अलावा ऊंची इमारतों में लगने वाली आग को बुझाने के लिए हाइड्रोलिक लैडर, आर्टिकुलेटेड आर्म्स और हाई प्रेशर हौज रील सिस्टम भी अब दमकल के बेड़े में शामिल हो चुके हैं।

ऐसे काम करता है

  • दमकल में लगे पानी के पाइप रोबॉट में फिट हो जाते हैं। रिमोट से इसे आग की तरफ भेजा जाता है।
  • जिस इमारत में आग लगी, उसके धुएं को रोबॉट अपने वेंटिलेटर सिस्टम से बाहर निकालता है।
  • एक मिनट में 2400 लीटर पानी छिड़कता है। पानी को छोटी बूंदों में बांटकर 100 मीटर दूर तक फेंकता है।

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