किंग चार्ल्स... वह नाम जिससे जुड़ा है शाही परिवार का काला इतिहास, कहानी उस दौर की जब ब्रिटेन से खत्म हो गई थी राजशाही

हाइलाइट्स

  • ब्रिटेन के नए राजा का नाम किंग चार्ल्स III, कौन थे पहले और दूसरे?
  • अलग नाम रखने की थी उम्मीद, चार्ल्स I के शासन में छिड़ा था गृहयुद्ध
  • अस्थायी रूप से खत्म हो गई थी राजशाही, लौट तो कम हो गईं शक्तियां
लंदन : ब्रिटेन की राजगद्दी पर 70 साल बाद नया सम्राट बैठा है। पिछले गुरुवार को 96 साल की क्वीन एलिजाबेथ द्वितीय का निधन हो गया था। शनिवार को किंग चार्ल्स तृतीय की औपचारिक ताजपोशी हुई। लेकिन नए राजा 'किंग चार्ल्स III' के नाम के साथ एक काला इतिहास जुड़ा हुआ है। इतिहास के उन पन्नों को शाही परिवार का कोई भी सदस्य दोबारा पढ़ना नहीं चाहता। यह वह दौर था जब ब्रिटेन से राजशाही का अस्तित्व कुछ समय के लिए खत्म हो गया था और इसकी कहानी नए राजा के नाम यानी किंग चार्ल्स से जुड़ी हुई है। आइए जानते हैं 'किंग चार्ल्स' से जुड़ा शाही परिवार का काला इतिहास क्या था।ब्रिटेन के नए सम्राट का नाम किंग चार्ल्स तृतीय रखा गया है लेकिन यह अनिवार्य नहीं था। चार्ल्स फिलिप आर्थर जॉर्ज सिंहासन पर बैठते समय कोई दूसरा शाही नाम भी चुन सकते थे। कुछ ऑब्जर्वर्स को उम्मीद थी कि चार्ल्स नाम के दो पिछले ब्रिटिश सम्राटों से जुड़े 'ऐतिहासिक बोझ' के कारण नए राजा कोई अलग नाम पसंद कर सकते हैं। किंग चार्ल्स प्रथम इकलौते ब्रिटिश सम्राट हैं जिनके शासनकाल में क्रांति हुई और राजशाही अस्थायी रूप से खत्म हो गई। वह 1625 में सिंहासन पर बैठे थे। उनके शासन में राजगद्दी और संसद के बीच एक शक्ति संघर्ष देखा गया जिसने राजा की शक्तियों को सीमित कर दिया।
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जब ब्रिटेन में शुरू हो गया गृहयुद्ध
साल 1642 में जब राजा ने हाउस ऑफ कॉमन्स में सांसदों को गिरफ्तार करने की कोशिश की तो इंग्लिश सिविल वॉर की शुरुआत हो गई। इस गृहयुद्ध का अंत ओलिवर क्रॉमवेल की संसदीय सेना की जीत के साथ हुआ। चार्ल्स को उच्च राजद्रोह का दोषी ठहराया गया और 1649 में लंदन में बैंक्वेटिंग हाउस के बाहर सड़क पर ही उनका सिर काट दिया गया। किंग चार्ल्स द्वितीय चार्ल्स प्रथम के पुत्र थे जिन्होंने अपनी युवावस्था क्रॉमवेल के 11 साल के शासनकाल के दौरान विदेश में बिताई।

...और लौट आई राजशाही
साल 1660 में जब राजशाही दोबारा बहाल हुई तो वह गद्दी पर बैठे। हालांकि उनके पास चार्ल्स प्रथम की तुलना में काफी कम शक्तियां थीं। संसद की सहमति के बिना कानून बनाने की शक्ति सम्राट से छीन ली गई थी। चार्ल्स द्वितीय के 25 साल के शासनकाल में सार्वजनिक मनोरंजन की वापसी हुई क्योंकि क्रॉमवेल के कठोर राज में थिएटर बंद कर दिए गए थे और क्रिसमस समारोह पर प्रतिबंध लगा दिया गया था।

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