SpiceJet news: क्या आपको भी मिला है स्पाइसजेट का मेल? ICAO ने निकाली एयरलाइन के दावे की हवा

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हाइलाइट्स

  • स्पाइसजेट ने सेफ्टी ऑडिट में खरा उतरने का दावा किया था
  • लेकिन ICAO ने एयरलाइन के इस दावे की हवा निकाल दी है
  • उसका कहना है कि उसने किसी भी देश में ऐसा ऑडिट नहीं किया
नई दिल्ली: एयरलाइन कंपनी स्पाइसजेट (SpiceJet) की मुश्किलें और बढ़ सकती हैं। इस कंपनी को एविएशन रेगुलेटर डीजीसीए (DGCA) ने सुरक्षा कारणों से हाल तक निगरानी में रखा था और उसे आधी उड़ानें ऑपरेट करने की ही अनुमति दी गई थी। पिछले हफ्ते स्पाइसजेट ने दावा किया था कि इंटरनेशनल सिविल एविएशन ऑर्गेनाइजेशन (ICAO) ने उसका ऑडिट किया था और इसमें वह पूरी तरह खरी उतरी। लेकिन मंगलवार को ICAO ने उसके दावे की हवा निकाल दी। ICAO यूनाइटेड नेशंस की स्पेशलाइज्ड एजेंसी है जो सिविल एविएशन के लिए स्टैंडर्ड और रेगुलेशन तय करती है। एजेंसी का कहना है कि उसने दुनिया के किसी भी देश में किसी एयरपोर्ट या एयरलाइन का ऑडिट नहीं किया है।

ICAO ने कहा कि ICAO Cordinated Validation Mission के तहत उसकी टीमें सेफ्टी एविएशन अथॉरिटी की सेफ्टी की इफेक्टिवनेस को वेरिफाई करने के लिए विजिट करती हैं। इसमें मल्टीपल ऑपरेटर्स का विजिट शामिल है। एजेंसी ने कहा कि यह विजिट ऑडिट या जांच नहीं है। एक सीनियर अधिकारी ने कहा कि यहां ऑपरेटर का मतलब स्पाइसजेट से है। ICAO की टीम नौ से 16 नवंबर को बीच भारत आई थी। इस दौरान उसने 14 नवंबर को स्पाइसजेट के ऑफिस को विजिट किया था। इसका स्पाइसजेट या उसके सेफ्टी स्टैंडर्ड से कोई लेनादेना नहीं है। इसका मकसद डीजीसीए की सेफ्टी निगरानी की इफेक्टिवनेस को वेरिफाई करना था।

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स्पाइसजेट का दावा

लेकिन स्पाइसेट ने पांच दिसंबर को जारी प्रेस स्टेटमेंट में दावा किया था कि ICAO का ऑडिट सेफ्टी का बेंचमार्क है। इसमें कंपनी के चेयरमैन और मैनेजिंग डायरेक्टर अजय सिंह (Ajay Singh) ने कहा कि हमें अपने सेफ्टी कल्चर, सिस्टम, प्रोसेस और ऑपरेशन पर गर्व है जो वैश्विक मानकों पर खरे उतरे हैं। यह ऑडिट इस बात का सबूत है कि स्पाइसजेट में हम सुरक्षा के उच्च मानकों का पालन करते हैं।

इसके बाद सोमवार को स्पाइसजेट ने पैसेंजर्स को एक मेल भेजकर कहा, 'आप सुरक्षित हाथों में हैं। यह दावा हम नहीं कर रहे हैं। ICAO के ऑडिट में स्पाइसजेट के सेफ्टी स्टैंडर्ड की पुष्टि हुई है।' इस बारे में स्पाइसजेट ने टीओआई के सवालों का जबाव नहीं दिया। जुलाई में स्पाइसजेट के कई विमानों में तकनीकी गड़बड़ी की शिकायतें मिली थीं। इसके बाद डीजीसीए ने स्पाइसजेट को सितंबर तक निगरानी में डाल दिया था और फिर इसे और एक महीने के लिए बढ़ा दिया गया था। इस दौरान कंपनी को केवल आधी फ्लाइट ही ऑपरेट करने की अनुमति दी गई थी।

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